मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उदयपुर में आयोजित जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में शहर के भविष्य की आवश्यकताओं और जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए व्यापक विकास ब्लूप्रिंट तैयार करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों के सुधार, ट्रैफिक मैनेजमेंट और अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास की विस्तृत एवं दीर्घकालिक योजना तैयार की जाए, ताकि उदयपुर को एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जा सके।

मुख्यमंत्री बुधवार को उदयपुर स्थित जिला परिषद सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) और नगर निगम को निर्देश दिए कि शहर के चारों ओर 25 से 30 किलोमीटर की परिधि में विकास की सभी संभावनाओं का अध्ययन कर समग्र कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि उदयपुर राजस्थान का प्रमुख पर्यटन केंद्र है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, इसलिए यहां आधारभूत सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने देवास परियोजना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इसके कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना की तीसरी और चौथी स्टेज पूर्ण होने के बाद उदयपुर की झीलों में जल की कमी नहीं रहेगी, जिससे जल आपूर्ति व्यवस्था को स्थायित्व मिलेगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों को आगामी वर्षा ऋतु से पहले पूर्ण किया जाए, जिससे आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सीवरेज और पाइपलाइन कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के साथ ही पूरे जिले में शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु आवश्यकता अनुसार नए प्लांट स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही शहर की रिंग रोड योजना पर विशेष रूप से कार्य करने को कहा गया।

मुख्यमंत्री ने फतेहपुरा चौराहे पर एआई आधारित ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम की सराहना करते हुए इसे अन्य प्रमुख चौराहों पर भी लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए नगर निगम को उच्चतम मापदंडों के अनुरूप शहर को स्वच्छ बनाने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही संस्थानों, उद्योगपतियों और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोकसेवक जनता के प्रति जवाबदेह हैं और जनहित कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार्य नहीं होगी। विकास योजनाओं की प्लानिंग में जनप्रतिनिधियों के सुझावों को अनिवार्य रूप से शामिल कर आवश्यक संशोधन करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने ग्राम रथ यात्रा के माध्यम से 13 विभागों की योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के दौरान उपखंड अधिकारी एवं तहसीलदार की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में जल संसाधन विभाग, विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड, आरएनटी मेडिकल कॉलेज, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जलदाय विभाग, अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागीय कार्यों की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

इस अवसर पर संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने प्रशासनिक स्थिति की जानकारी दी, जबकि यूडीए एवं नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने शहर में चल रहे विकास कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने ट्रैफिक मैनेजमेंट व्यवस्था की जानकारी दी। जिस पर मुख्यमंत्री ने विभागवार आवश्यक सुझाव एवं निर्देश प्रदान किए।

बैठक में राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, चित्तौड़गढ़ लोकसभा सांसद सीपी जोशी, विधायक ताराचंद जैन, फूल सिंह मीणा, शांता देवी, प्रताप गमेती, जिला प्रभारी सचिव टी. रविकांत, पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक ने उदयपुर के सुनियोजित और त्वरित विकास की दिशा में प्रशासनिक संकल्प को और मजबूत किया।

Pratahkal Bureau

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