टोंक पुलिस का ‘ऑपरेशन साइबर वॉर’: एक माह में 42 आरोपी गिरफ्तार, 1.20 करोड़ की ठगी उजागर
टोंक पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइबर वॉर’ में 31 प्रकरण दर्ज कर 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया। 1.20 करोड़ की साइबर ठगी उजागर हुई।

टोंक पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर वॉर’ के तहत एक माह में बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर अपराध से जुड़े 31 प्रकरण दर्ज कर 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन, वाहन, लैपटॉप और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीना ने बताया कि दर्ज प्रकरणों में सामने आई साइबर ठगी की कुल राशि ₹1,20,07,406 यानी एक करोड़ बीस लाख सात हजार चार सौ छह रुपये रही। वहीं, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर ₹6,64,883 की साइबर ठगी की राशि से संबंधित कार्रवाई भी की गई।
साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5 कार, 3 बाइक और 1 लैपटॉप बरामद किया। इसके अलावा साइबर अपराध से संबंधित 47 मोबाइल फोन, 5 एटीएम कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 2 चेकबुक और 1 अन्य कार्ड भी पुलिस के हाथ लगे। साइबर अपराध से जुड़ी ₹65,300 की नकद राशि भी बरामद की गई।
साइबर अपराध से संबंधित मामलों में पुलिस ने 36 इस्तदादी कार्रवाई भी की, जिनमें 30 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस की इन कार्रवाइयों से साइबर अपराधियों और उनके नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसने की दिशा में प्रभावी परिणाम सामने आए हैं।
साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबर और आईएमईआई के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई की। अभियान के दौरान 92 मोबाइल नंबर और 109 आईएमईआई ब्लॉक करवाए गए। इस प्रकार कुल 201 मोबाइल और आईएमईआई पर कार्रवाई की गई।
साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और उनके आपराधिक रिकॉर्ड को मजबूत करने के उद्देश्य से 35 साइबर अपराधियों का आपराधिक रिकॉर्ड ऑनलाइन किया गया।
टोंक पुलिस की एक माह की कार्रवाई में गिरफ्तारी, बरामदगी, साइबर ठगी की रकम से संबंधित कार्रवाई तथा संदिग्ध मोबाइल नंबरों और आईएमईआई को ब्लॉक करवाने जैसी कई स्तरों पर कार्रवाई की गई है। ‘ऑपरेशन साइबर वॉर’ के माध्यम से साइबर अपराधियों के खिलाफ टोंक पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।

