जयपुर। राजस्थान की राजधानी और अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए विख्यात गुलाबी नगरी जयपुर एक बार फिर आध्यात्मिक और शैक्षणिक चेतना का केंद्र बन गई है। आज शिक्षा के महाकुंभ कहे जाने वाले 'जयपुर एजुकेशन समिट' के मंच पर उस समय एक दिव्य ऊर्जा का संचार हुआ, जब 'इंटरनेशनल गीता ओलंपियाड 2026' के भव्य पोस्टर का विमोचन किया गया। जयपुर के सुप्रसिद्ध 'गुप्त वृन्दावन धाम' द्वारा आयोजित यह वैश्विक स्पर्धा श्रीमद्भगवद्गीता के कालातीत ज्ञान को जन-जन की जीवनशैली में उतारने के संकल्प के साथ सामने आई है। इस गौरवशाली अवसर पर प्रदेश के प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्रतिनिधियों और शिक्षा जगत की दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी ने इस आयोजन की महत्ता को दोगुना कर दिया।

श्रीमद्भगवद्गीता की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में यूनेस्को ने इसे "मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड रजिस्टर" में स्थान देकर इसकी वैश्विक विरासत को मान्यता दी है। इसी पावन संदेश को आगे बढ़ाते हुए गुप्त वृन्दावन धाम इस वर्ष भी अपनी परंपरा को कायम रखते हुए एक विशेष आयोजन की ओर बढ़ रहा है। समिट में पहुंचे विशेष अतिथियों ने गुप्त वृन्दावन धाम की इस अनूठी पहल की सराहना की और आगामी ओलंपियाड की सफलता के लिए अपनी मंगलकामनाएं प्रेषित कीं। आयोजन का उद्देश्य न केवल गीता के श्लोकों को याद करना है, बल्कि आधुनिक युग की चुनौतियों के समाधान के रूप में इसके दर्शन को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना है।

इंटरनेशनल गीता ओलंपियाड 2026 की विस्तृत रूपरेखा के अनुसार, यह प्रतिष्ठित परीक्षा आगामी 19 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। इस वर्ष का मुख्य आकर्षण यह है कि यह परीक्षा विशेष रूप से राष्ट्र के निर्माता शिक्षकों और बच्चों के भविष्य की नींव रखने वाले अभिभावकों के लिए समर्पित है। परीक्षार्थियों को गीता के अध्याय 13 से 18 के गूढ़ रहस्यों पर आधारित 100 बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) का सामना करना होगा। डिजिटल युग की सुगमता को देखते हुए यह परीक्षा ऑनलाइन माध्यम से हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में संचालित की जाएगी। इस ज्ञान-यज्ञ में भाग लेने वाले मेधावियों के उत्साहवर्धन के लिए 2 लाख रुपये के नकद पुरस्कारों की घोषणा की गई है, जो 24 मई को आयोजित होने वाले एक गरिमामयी पुरस्कार वितरण समारोह में प्रदान किए जाएंगे।

यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता मात्र नहीं है, बल्कि यह आधुनिक शिक्षा प्रणाली के साथ प्राचीन भारतीय प्रज्ञा के समन्वय का एक क्रांतिकारी कदम है। जयपुर एजुकेशन समिट के मंच से हुआ यह विमोचन इस बात का प्रतीक है कि भविष्य की पीढ़ियों को गढ़ने वाले शिक्षक और अभिभावक जब स्वयं गीता के ज्ञान से आलोकित होंगे, तभी एक सुदृढ़ और नैतिक समाज का निर्माण संभव है। गुप्त वृन्दावन धाम द्वारा किया जा रहा यह प्रयास आध्यात्मिक उत्थान की दिशा में जयपुर की गौरवगाथा में एक नया स्वर्णिम अध्याय जोड़ने के लिए तैयार है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story