यहाँ दिए गए समाचार मसौदे का एक परिष्कृत और पेशेवर हिंदी लेख है:

जयपुर में गूंजा सेना का शौर्य: उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने 'नो योर आर्मी' प्रदर्शनी में सैनिकों के बलिदान को किया नमन

जयपुर। राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर रविवार को भारतीय सेना के अदम्य साहस और आधुनिक सैन्य शक्ति की गवाह बनी। 78वें सेना दिवस के उपलक्ष्य में भवानी निकेतन शिक्षा समिति परिसर में आयोजित ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी ने न केवल सेना के अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन किया, बल्कि नागरिक और सेना के बीच के अटूट विश्वास को भी नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। इस गौरवशाली अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने न केवल प्रदर्शनी का अवलोकन किया, बल्कि एक सैनिक की बेटी होने के नाते भावुक होते हुए सेना के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता भी व्यक्त की।

देश के इतिहास में यह गौरवमयी अवसर पहली बार आया है जब छावनी क्षेत्र की सीमाओं से बाहर निकलकर सेना दिवस परेड का आयोजन आम जनता के बीच जयपुर में किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित सेना के आधुनिक उपकरणों, हथियारों और आर्टिलरीज का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया। उन्होंने गर्व के साथ उल्लेख किया कि आज भारत माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र में वैश्विक पटल पर किसी भी राष्ट्र से पीछे नहीं है। पिछले पाँच दशकों में हुए सेना के आधुनिकीकरण ने भारत को हर दुश्मन का मुँहतोड़ जवाब देने में सक्षम बनाया है।

कार्यक्रम के दौरान एक अत्यंत भावुक क्षण तब आया जब उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने स्वयं को एक गौरवशाली सैन्य परिवार का हिस्सा बताया। उन्होंने अपने पिता की सैन्य सेवाओं और युद्ध के दौरान उनके कुशल नेतृत्व को याद करते हुए कहा कि वह यहाँ केवल एक उपमुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक सैनिक की बेटी के रूप में उपस्थित हैं। उन्होंने सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सीमाओं पर उनके अडिग संकल्प के कारण ही देश का हर नागरिक चैन की सांस ले पाता है। उन्होंने विशेष रूप से 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी का जयपुर में स्वागत किया और उन्हें नारी शक्ति का अप्रतिम उदाहरण बताया।

प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण भारतीय सेना द्वारा किया गया साहसिक लाइव डेमो रहा। हेलीकॉप्टर के माध्यम से आतंकवादियों के कब्जे से बंधकों को छुड़ाने के रोमांचक युद्धाभ्यास ने दर्शकों की सांसें थाम दीं। इसके साथ ही आधुनिक राइफलों, बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियों, सेल्फ-प्रोपल्ड गन्स, टैंकों, ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम्स के प्रदर्शन ने सेना की तकनीकी सुदृढ़ता को दर्शाया। पैराग्लाइडिंग, स्काई डाइविंग और डॉग स्क्वॉड की गतिविधियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया, जबकि सिम्फनी बैंड की देशभक्ति धुनों ने पूरे वातावरण को जोश से भर दिया।

इसी गरिमामयी मंच से उपमुख्यमंत्री ने 78वें सेना दिवस के उपलक्ष्य में 7800 किलोमीटर के एकल साइकिल अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इस साहसिक अभियान की साइकिलिस्ट आशा मालवीय के जज्बे को सलाम करते हुए उन्हें 78,000 रुपये का चेक सम्मान स्वरूप भेंट किया। इस भव्य आयोजन में दक्षिण-पश्चिमी कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, एनसीसी कैडेट्स और हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। यह आयोजन केवल हथियारों का प्रदर्शन मात्र नहीं था, बल्कि युवाओं में राष्ट्र सेवा का संचार करने और उन्हें सेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने वाला एक सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ।

Next Story