जयपुर की धरती से गूंजा विकसित भारत का संकल्प: प्रधानमंत्री ने रामसर के बाजरे को सराहा, मुख्यमंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सुनी प्रधानमंत्री मोदी की 130वीं 'मन की बात'। प्रधानमंत्री ने राजस्थान के रामसर के किसानों द्वारा बाजरे से तैयार 'रेडी-टू-ईट' लड्डू के नवाचार की सराहना की और भारत को दुनिया का तीसरा बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बताया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में 19 करोड़ पौधरोपण की उपलब्धि साझा करते हुए विकसित राजस्थान का संकल्प दोहराया।

जयपुर। गुलाबी नगरी के सांगानेर स्थित कैंप कार्यालय में रविवार को उस वक्त उत्साह का सैलाब उमड़ पड़ा, जब मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने आमजन के बीच बैठकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 130वीं कड़ी का श्रवण किया। वर्ष 2026 के इस प्रथम संबोधन ने न केवल देश को नई दिशा दी, बल्कि राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र रामसर के किसानों की मेहनत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाकर प्रदेशवासियों का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि आज का भारत स्टार्टअप की दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम बनकर उभर चुका है, जहाँ 'जीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट' का मंत्र वैश्विक बाजारों में भारतीय धाक जमाने के लिए तैयार है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के पावन अवसर पर लोकतंत्र की जड़ों को सींचने वाले मतदाताओं को 'लोकतंत्र की आत्मा' करार दिया। उन्होंने 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराकर अपनी पहली वोट को एक उत्सव की तरह मनाने का आह्वान किया, ताकि भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद और अधिक सुदृढ़ हो सके। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए प्रधानमंत्री ने जनभागीदारी की उस अदम्य शक्ति को रेखांकित किया, जो आजमगढ़ की तमसा नदी से लेकर अनंतपुर के जलाशयों तक जल संरक्षण की नई इबारत लिख रही है। उन्होंने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान की सफलता और भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रसार के लिए मलेशियाई भारतीय समुदाय के प्रयासों की भी मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
इस ऐतिहासिक संबोधन का सबसे गौरवशाली क्षण तब आया जब प्रधानमंत्री ने राजस्थान के रामसर ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के 900 से अधिक किसानों के नवाचार का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे यहाँ के किसान श्रीअन्न यानी बाजरे को केवल उगा ही नहीं रहे, बल्कि उसे प्रोसेस कर 'रेडी-टू-ईट' लड्डू तैयार कर रहे हैं, जिनकी मांग आज बाजारों में सिर चढ़कर बोल रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा रामसर के अन्नदाताओं का सम्मान करना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ जानकारी साझा की कि राजस्थान सरकार ने पिछले दो वर्षों में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत 19 करोड़ से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मिसाल पेश की है, और सरकार का लक्ष्य आगामी 5 वर्षों में 50 करोड़ पौधे लगाने का है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि बाजरा आधारित ये नवाचार न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेंगे, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएंगे। यह आयोजन केवल एक संवाद मात्र नहीं था, बल्कि 'स्वस्थ राजस्थान-समृद्ध राजस्थान' की परिकल्पना को धरातल पर उतारने का एक साझा संकल्प था, जिसने जयपुर की जनता में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया।

Pratahkal Bureau
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