पिंक सिटी से हटेगा 'गंदगी का दाग': जयपुर नगर निगम की सर्जिकल स्ट्राइक, 15 दिन में 33 कचरा डिपो जमींदोज
जयपुर को 'ओपन डंप फ्री' बनाने के लिए नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने छेड़ा महाभियान। 15 दिन में शहर से 33 खुले कचरा डिपो खत्म कर सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी शुरू की गई है। उपायुक्त स्वास्थ्य श्री ओम थानवी की देखरेख में सिविल लाइंस और मानसरोवर समेत कई इलाकों की बदली सूरत। जानें कैसे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और स्वच्छता प्रहरियों के मेल से चमक रही है गुलाबी नगरी।

जयपुर, 16 जनवरी। राजस्थान की राजधानी जयपुर को स्वच्छता के शिखर पर ले जाने के लिए नगर निगम जयपुर ने एक निर्णायक जंग छेड़ दी है। गुलाबी नगरी की सड़कों पर अब 'खुले कचरा डिपो' बीते वक्त की बात होने जा रही है। नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी की दूरदर्शी पहल और सख्त तेवरों ने शहर की सूरत बदलना शुरू कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले महज 15 दिनों के भीतर शहर के विभिन्न कोनों से 33 खुले कचरा डिपो को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। यह अभियान केवल कचरा साफ करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जयपुर को 'ओपन डंप फ्री' बनाने की दिशा में एक बड़ी प्रशासनिक और सामाजिक क्रांति के रूप में उभरा है।
नगर निगम के इस महाभियान की कमान संभाल रहे आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने स्पष्ट कर दिया है कि जयपुर की सुंदरता और नागरिकों का स्वास्थ्य निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि खुले कचरा डिपो न केवल शहर की छवि को धूमिल करते हैं, बल्कि बीमारियों के केंद्र भी बनते हैं। इसी गंभीरता को देखते हुए निगम ने चरणबद्ध तरीके से इन डिपो को खत्म करने की कार्ययोजना तैयार की है। निगम के उपायुक्त स्वास्थ्य श्री ओम थानवी के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीमों ने सिविल लाइंस, आदर्श नगर, राजापार्क, मोती डूंगरी रोड, मानसरोवर, गुर्जर की थड़ी, ब्रह्मपुरी, विद्याधर नगर, मालवीय नगर और जगतपुरा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सघन कार्रवाई की है। इन इलाकों में सालों से मौजूद कचरा पॉइंट अब साफ-सुथरे रास्तों में तब्दील हो चुके हैं।
इस अभियान की सबसे खास बात इसकी आधुनिक निगरानी प्रणाली है। हटाए गए कचरा डिपो के स्थान पर दोबारा गंदगी न फैले, इसके लिए स्मार्ट सिटी परियोजना के 'इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' से 24 घंटे पैनी नजर रखी जा रही है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए उन लोगों की पहचान की जा रही है जो सड़कों पर कचरा फेंकने की हिम्मत करते हैं। ऐसे उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ तत्काल चालानी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही, स्वच्छता प्रहरी जमीन पर उतरकर स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों को जागरूक कर रहे हैं। प्रहरियों द्वारा आमजन से यह भावुक और जिम्मेदार अपील की जा रही है कि वे कचरा केवल निगम के हूपर में ही डालें और शहर को अपना घर मानकर इसकी स्वच्छता में भागीदारी निभाएं।
प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ निगम ने सौंदर्यीकरण का एक नया मॉडल पेश किया है। जिन स्थानों से कचरा डिपो हटाए गए हैं, वहां अब केवल सन्नाटा या खालीपन नहीं है, बल्कि वहां कलाकृतियां उकेरी जा रही हैं। पुराने टायरों से सजावट, आकर्षक पेंटिंग और स्वच्छता के संदेशों के जरिए इन जगहों को इतना सुंदर बनाया जा रहा है कि राहगीर वहां रुकने को मजबूर हो जाएं। आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने इस संकल्प को दोहराया है कि यह अभियान तब तक थमेगा नहीं जब तक जयपुर का एक-एक कोना कचरा मुक्त नहीं हो जाता। यह बदलाव न केवल जयपुर की फिजाओं को स्वच्छ बनाएगा, बल्कि विश्व मानचित्र पर पर्यटन के लिहाज से भी शहर की गरिमा को नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा।

Pratahkal Bureau
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