महेन्द्रगढ़/भिवानी: भारतीय रेलवे ने क्षेत्र के विकास और यात्रियों की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की वर्षों पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए महेन्द्रगढ़, सतनाली और सिवानी स्टेशनों पर महत्वपूर्ण रेलसेवाओं के प्रायोगिक ठहराव की घोषणा की है। इस फैसले से न केवल स्थानीय व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को लाभ होगा, बल्कि लंबी दूरी की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और विद्यार्थियों के लिए भी राह आसान हो जाएगी। रेलवे का यह कदम इन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को सीधे हावड़ा, बाड़मेर, जयपुर और हरिद्वार जैसे बड़े शहरों से जोड़ देगा।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि किरण ने इस महत्वपूर्ण विकास की पुष्टि करते हुए विस्तृत विवरण साझा किया है। उन्होंने बताया कि रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा हेतु विभिन्न रेलसेवाओं का इन तीनों स्टेशनों पर प्रायोगिक आधार पर आगामी आदेशों तक ठहराव देने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत सबसे महत्वपूर्ण विस्तार हावड़ा-बाड़मेर एक्सप्रेस को मिला है। गाड़ी संख्या 12323, हावड़ा-बाड़मेर रेलसेवा आगामी 21 जनवरी 2026 से महेन्द्रगढ़ स्टेशन पर शाम 18.00 बजे आगमन कर 18.02 बजे प्रस्थान करेगी। इसी क्रम में वापसी की गाड़ी संख्या 12324, बाड़मेर-हावड़ा एक्सप्रेस 22 जनवरी 2026 से तड़के 04.28 बजे महेन्द्रगढ़ पहुँचेगी और दो मिनट के ठहराव के बाद गंतव्य की ओर रवाना होगी।

वहीं सतनाली स्टेशन के यात्रियों के लिए जयपुर-दिल्ली कैंट-जयपुर रेलसेवा का तोहफा मिला है। आगामी 19 जनवरी 2026 से गाड़ी संख्या 19701, जयपुर-दिल्ली कैंट रेलसेवा रात 02.10 बजे सतनाली स्टेशन पर रुकेगी, जबकि गाड़ी संख्या 19702, दिल्ली कैंट-जयपुर रेलसेवा भी इसी दिन से रात 02.40 बजे सतनाली स्टेशन पर अपना ठहराव सुनिश्चित करेगी। इसके अतिरिक्त, बीकानेर और हरिद्वार के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को अब सिवानी स्टेशन पर भी ठहराव दिया गया है। गाड़ी संख्या 14717, बीकानेर-हरिद्वार रेलसेवा 20 जनवरी 2026 से तड़के 02.51 बजे सिवानी पहुँचेगी, वहीं गाड़ी संख्या 14718, हरिद्वार-बीकानेर रेलसेवा 21 जनवरी 2026 से रात 02.25 बजे सिवानी स्टेशन पर यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी।

रेलवे का यह आधिकारिक निर्णय इन छोटे स्टेशनों के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को बदलने वाला साबित होगा। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शशि किरण के अनुसार, इन ठहरावों की निरंतरता यात्रियों की प्रतिक्रिया और टिकटों की बिक्री पर निर्भर करेगी। यह घोषणा क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल लेकर आई है, क्योंकि अब इन स्टेशनों के निवासियों को लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। यह कदम भारतीय रेलवे की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें वह अंतिम छोर तक बेहतरीन परिवहन सेवाएं पहुँचाने के लिए संकल्पित है।

Pratahkal Bureau

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