सवाई माधोपुर में देश के पहले भव्य 'अमरूद महोत्सव' का शंखनाद: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला करेंगे शुभारंभ, देशभर के दिग्गजों का लगेगा जमावड़ा
सवाई माधोपुर में 18 जनवरी से देश के पहले 'अमरूद महोत्सव एवं कृषि तकनीकी मेला-2026' का आयोजन होने जा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की मौजूदगी में देशभर के 10 हजार किसान और वैज्ञानिक जुटेंगे। अमरूद की उन्नत किस्मों, प्रसंस्करण तकनीकों और चौपाल संवाद के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के इस ऐतिहासिक महोत्सव की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

सवाई माधोपुर, 17 जनवरी। राजस्थान की वीर धरा और रणथंभौर की गोद में बसे सवाई माधोपुर जिले के स्थापना दिवस के अवसर पर कल से एक नया इतिहास रचा जाएगा। 'पंच गौरव कार्यक्रम' की कड़ियों को जोड़ते हुए जिला प्रशासन और कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में रविवार, 18 जनवरी से दो दिवसीय 'अमरूद महोत्सव एवं कृषि तकनीकी मेला-2026' का भव्य आगाज होने जा रहा है। दशहरा मैदान में आयोजित होने वाला यह देश का अपनी तरह का पहला ऐसा अनूठा आयोजन है, जहां सवाई माधोपुर के प्रसिद्ध अमरूद की मिठास न केवल देशभर में फैलेगी, बल्कि आधुनिक कृषि तकनीक के मेल से किसानों की तकदीर बदलने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।
इस महोत्सव की गरिमा को बढ़ाने के लिए मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला उपस्थित रहेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा करेंगे। यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी मात्र नहीं है, बल्कि यह देशभर के कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और प्रगतिशील किसानों के महाकुंभ के रूप में उभरेगा।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने आयोजन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस महोत्सव में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) की सक्रिय भागीदारी होगी। प्रतिदिन लगभग 10 हजार से अधिक किसानों के इस समागम में जुटने की उम्मीद है। महोत्सव का मुख्य आकर्षण अमरूद की दर्जनों उन्नत किस्मों का प्रदर्शन होगा, जहां आगंतुक न केवल इन फलों की गुणवत्ता देख सकेंगे बल्कि उनका स्वाद भी परख सकेंगे। बेहतरीन किस्मों को उगाने वाले किसानों को इस मंच पर पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, जो भविष्य में उन्हें और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा।
इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता 'चौपाल' संवाद है, जहां किसान और वैज्ञानिक आमने-सामने बैठकर चर्चा करेंगे। इन सत्रों में उन्नत खेती की तकनीक, सही किस्म का चुनाव, पौध संरक्षण और बाजार की मांग के अनुरूप मूल्य संवर्धन (Value Addition) जैसे गंभीर विषयों पर ज्ञान साझा किया जाएगा। डॉ. मीणा ने विशेष जोर देते हुए कहा कि महोत्सव का एक प्रमुख उद्देश्य किसानों और व्यापारियों के बीच के बिचौलियों को समाप्त कर सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि किसानों को उनके पसीने की सही कीमत मिल सके।
अमरूद के प्रसंस्करण (Processing) को लेकर इस बार अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे हैं। मेले में केवल फल ही नहीं, बल्कि अमरूद से तैयार होने वाले विविध उत्पादों जैसे जूस, चिप्स, कैंडी, फ्रूट बार, जैली, बर्फी, लड्डू, शरबत, पल्प, आचार और पाउडर का प्रदर्शन किया जाएगा। पंजाब, उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे राज्यों से आए विशेषज्ञ इन उत्पादों को बनाने की तकनीक का प्रशिक्षण भी देंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लघु उद्योगों को बढ़ावा मिल सके।
महोत्सव में देशभर की प्रतिष्ठित नर्सरियां भी अपना पड़ाव डालेंगी, जहां से किसान अमरूद की लगभग 25 से 30 उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों के पौधे खरीद सकेंगे। आयोजकों का मानना है कि इन उन्नत किस्मों के प्रसार से न केवल अमरूद की पैदावार बढ़ेगी, बल्कि उसकी गुणवत्ता और मिठास भी वैश्विक मानकों को टक्कर देगी, जिससे अंततः किसानों की आय में बड़ा इजाफा होगा। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने सभी किसानों, व्यापारियों और आमजन से इस दो दिवसीय आयोजन का हिस्सा बनने की पुरजोर अपील की है, ताकि सवाई माधोपुर का यह फल विश्व पटल पर अपनी एक नई और सशक्त पहचान बना सके।

Pratahkal Bureau
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