जयपुर/बीकानेर, 24 दिसंबर। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के संत मीराबाई सभागार में बुधवार को आयोजित दशम दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री हरिभाऊ बागडे ने विद्यार्थियों को ऐसे शोध विषय चुनने की प्रेरणा दी, जिनसे देश और समाज को वास्तविक लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि शोध न केवल विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता में वृद्धि करे बल्कि दीर्घकालीन सकारात्मक प्रभाव भी उत्पन्न करे।

समारोह में राज्यपाल श्री बागडे ने विश्वविद्यालय को शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने और विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने पर जोर दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने के महत्व पर बल दिया और शिक्षकों से अपने पद की गरिमा एवं मर्यादा बनाए रखने का आह्वान किया। इसके साथ ही संयमित दिनचर्या, योग और प्राणायाम को जीवन का हिस्सा बनाने पर भी उन्होंने ध्यान आकर्षित किया।

राज्यपाल श्री बागडे ने भारत के युवाओं की प्रतिभा को सराहते हुए कहा कि हमारी बौद्धिक क्षमता पूरी दुनिया में मान्यता प्राप्त है। उन्होंने आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2004 में भारत विश्व की 12वीं और 2014 में 11वीं बड़ी अर्थव्यवस्था था, जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए राज्यपाल ने मां के नाम एक पेड़ लगाने का आह्वान किया। उन्होंने समाज के प्रति निष्ठा और भारत की संस्कृति की समृद्धि पर भी प्रकाश डाला। साथ ही महाराजा गंगासिंह की दूरदृष्टि और उनके प्रयासों से आई गंगानहर के माध्यम से रेगिस्तान को हराभरा करने का उल्लेख किया। महाराजा गंगासिंह के सैन्य योगदान, विशेषकर प्रथम विश्व युद्ध में गंगा रिसाला और ऊंटों की सेना की भूमिका को भी उन्होंने याद किया।

समारोह में वर्ष 2024 में कुल 1,20,812 उपाधियां प्रदान की गई। इसी अवधि में कुल 46 शोधार्थियों, जिनमें 22 पुरुष और 24 महिलाएं, को विद्यावाचस्पति (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई। परीक्षा वर्ष 2024 में अपने विषयों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 65 विद्यार्थियों में 9 पुरुष और 56 महिलाओं को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। विधि संकाय की सुश्री लावण्या शर्मा को कुलाधिपति पदक एवं सामाजिक विज्ञान संकाय की सुश्री तन्नू को कुलगुरु पदक प्रदान किया गया।

राज्यपाल श्री बागडे ने विश्वविद्यालय में संचालित ई-फाइलिंग प्रणाली और विश्वविद्यालय कैलेंडर का भी लोकार्पण किया। स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय के कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और पिछले वर्षों में विश्वविद्यालय द्वारा किए गए नवाचारों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। समारोह के आरंभ में राज्यपाल ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित किए। विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत कुलगीत और वृत्तचित्र ने समारोह को और भी विशेष बनाया।

इस दीक्षांत समारोह ने न केवल महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को सम्मानित किया, बल्कि उन्हें देश, समाज और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी दी।

Pratahkal Newsroom

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