तारकेश्वर चक्रवर्ती की पुण्यतिथि पर बैंक कर्मियों ने दी श्रद्धांजलि
एआईबीईए के पूर्व महासचिव तारकेश्वर चक्रवर्ती के योगदान को याद करते हुए जयपुर के तारक भवन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

जयपुर के तारक भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के दौरान तारकेश्वर चक्रवर्ती को नमन करते राजस्थान प्रदेश बैंक एम्प्लाइज यूनियन के पदाधिकारी और सदस्य।
देश के बैंक कर्मियों के मसीहा और एआईबीईए के महासचिव साथी तारकेश्वर चक्रवर्ती की (2 जून 1926–2 मई 2003) 23वीं पुण्यतिथि पर देशभर में बैंक कर्मियों और श्रमिक संगठनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बैंकिंग क्षेत्र में कर्मचारियों की सुरक्षा और अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा देने वाले तारक दा को इस अवसर पर विशेष रूप से स्मरण किया गया।
तारकेश्वर चक्रवर्ती का जन्म 2 जून 1926 को कलकत्ता में हुआ, जहां उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी करते हुए बैंक कर्मियों के हितों के लिए नेतृत्व किया। 2 मई 2003 को देना बैंक के अधिवेशन को मुंबई में संबोधित करने के लिए जाते समय कलकत्ता हवाई अड्डे पर हृदयाघात से उनका निधन हो गया।
जयपुर में उनके नाम पर बने बैंक यूनियन भवन “तारक भवन” में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में राजस्थान प्रदेश बैंक एम्प्लाइज यूनियन के महासचिव महेश मिश्रा, उप महासचिव एवं सहकार नेता सूरज भान सिंह आमेरा, सचिव महेश शर्मा, चेयरमैन आर जी शर्मा, रविदीप चतुर्वेदी, राहुल पाण्डे सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए महेश मिश्रा और सूरज भान सिंह आमेरा ने कहा कि देश के बैंकिंग उद्योग में वेतन वृद्धि के लिए बैंक प्रबंधन के साथ द्विपक्षीय वेतन समझौते की शुरुआत, बैंक कर्मियों के लिए पेंशन समझौता, कंप्यूट्रीकरण समझौता तथा एनपीए की वसूली को मुद्दा बनाना तारक दा की ऐतिहासिक देन रही। उन्होंने बताया कि पहले वेतन समझौते से लेकर अपने जीवन के अंतिम समय तक हर समझौते पर तारक दा ने हस्ताक्षर किए।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तमिलनाडु सरकार कर्मियों की हड़ताल पर प्रतिबंध संबंधी निर्णय के विरोध में तारक दा ने बैंक कर्मियों की राष्ट्रीय हड़ताल का आह्वान किया था। वे केवल बैंक कर्मियों के ही नहीं, बल्कि समूचे श्रमिक जगत के राष्ट्रीय नेता के रूप में स्थापित हुए। वर्तमान में बैंक कर्मियों की सेवा सुरक्षा को उनकी महत्वपूर्ण देन माना जाता है।
यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम बैंकिंग और श्रमिक आंदोलन में तारकेश्वर चक्रवर्ती के योगदान की प्रासंगिकता को पुनः रेखांकित करता है, जो आज भी कर्मचारियों के अधिकारों और सुरक्षा के संदर्भ में मार्गदर्शक बना हुआ है।
सादर प्रकाशनार्थ
सूरज भान सिंह आमेरा
उप महासचिव

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
