84वें वर्सी उत्सव में गूंजा आध्यात्मिक संदेश: “अमर कलम से लिखी जाएगी आपकी अमर कहानी”, अनाथालय में संतों ने बांटा स्नेह और सेवा
जयपुर के श्री अमरापुर स्थान में सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज के 84वें वर्सी उत्सव के दौरान आध्यात्मिक प्रवचन, सेवा कार्य और अनाथालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुए। जानिए कैसे भक्ति और सेवा का अनूठा संगम बना यह आयोजन।

जयपुर के आश्रय केयर होम अनाथालय में स्वामी टेऊँराम जी महाराज के 84वें महानिर्वाण उत्सव के दौरान बच्चों से मिलने पहुंचे संत-महात्मा और अन्य गणमान्य लोग।
गुलाबी नगरी जयपुर स्थित आस्था और भक्ति के प्रमुख केंद्र श्री अमरापुर स्थान में प्रेम प्रकाश मंडल के संस्थापक महान कर्मयोगी युगपुरुष आचार्य श्री 1008 सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज का 84वां पंचदिवसीय महानिर्वाण (वर्सी) उत्सव श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाया जा रहा है। उत्सव के दौरान प्रतिदिन संत-महात्माओं द्वारा सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज की महिमा का गुणगान किया जा रहा है तथा उनके द्वारा रचित ‘प्रेम प्रकाश ग्रंथ’ की आध्यात्मिक वाणी, दोहे, पद, छंद, भजन एवं शिक्षाओं का वाचन और गायन किया जा रहा है।
उत्सव के अवसर पर पूज्य संत स्वामी मोहन लाल जी महाराज ने अपने प्रवचनों में मानव जीवन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “अमर कलम से लिखी जाएगी आपकी अमर कहानी।” उन्होंने बताया कि चौरासी लाख योनियों में मानव जन्म सर्वोत्तम माना गया है, क्योंकि विचार और विवेक की शक्ति केवल मनुष्य को प्राप्त है। उन्होंने सद्गुरु टेऊँराम जी महाराज की वाणी का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रभु के नाम-स्मरण और भक्ति के माध्यम से ही मानव जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है तथा जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जो भी श्रद्धाभाव से इस पंचदिवसीय वर्सी उत्सव में सहभागी बनता है, वह आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में अग्रसर होता है।
उत्सव केवल आध्यात्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सेवा और मानवता के संदेश को भी सशक्त रूप से आगे बढ़ाया गया। सेवा संकल्प कार्यक्रमों के अंतर्गत संत-महात्माओं ने आश्रय केयर होम अनाथालय पहुंचकर बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें अपनत्व का भाव प्रदान किया। संतों द्वारा बच्चों को फल, बिस्कुट, मिष्ठान, शीतल पेय और सेवा राशि भेंट की गई। इस अवसर पर बच्चों के चेहरों पर दिखाई दी मुस्कान ने कार्यक्रम को भावनात्मक आयाम प्रदान किया।
वर्सी उत्सव के दौरान समाजसेवा की विभिन्न गतिविधियां भी संचालित की गईं। बांगड़ अस्पताल के बाहर पुलाव प्रसाद और छाछ वितरण किया गया, वहीं श्री अमरापुर जल मंदिर में केरी पन्ना, छाछ, शर्बत और आम रस जैसी शीतल पेय सेवाएं श्रद्धालुओं एवं आमजन को उपलब्ध कराई गईं।
पंचदिवसीय उत्सव का समापन 20 जून को श्री प्रेम प्रकाश ग्रंथ साहिब एवं श्रीमद्भगवद्गीता के पाठों के भोग-परायण के साथ होगा। इस अवसर पर प्रार्थना, भजन, सत्संग, आरती और विशाल आम भंडारे का आयोजन किया जाएगा। महानिर्वाण दिवस पर कुष्ठ आश्रम में भोजन प्रसादी वितरण सेवा भी की जाएगी। संत-महात्मा सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज के जीवन, उनके आध्यात्मिक योगदान और शिक्षाओं पर प्रकाश डालेंगे तथा उनकी वाणी का गायन करेंगे। शाम को चौथ पर्व के अवसर पर संतों द्वारा संगीतमय ब्रह्म दर्शनी पाठ का आयोजन भी किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि श्री अमरापुर स्थान में संचालित सद्गुरु टेऊँराम चालीहा महोत्सव का समापन आगामी 19 जुलाई को सद्गुरु टेऊँराम जयंती के अवसर पर होगा। यह आयोजन न केवल श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक साधना का केंद्र बना हुआ है, बल्कि सेवा, संस्कार और मानवता के संदेश को समाज तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।

Pratahkal Bureau
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