राजस्थान के चार प्रमुख धार्मिक और आस्था स्थलों के विकास को केंद्र सरकार से बड़ी मंजूरी मिली है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की पहल पर भारत सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना के तहत जोधपुर एवं जैसलमेर क्षेत्र के चार प्रमुख धार्मिक एवं आस्था स्थलों के समग्र विकास के लिए कुल 50.93 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसके तहत रामदेवरा स्थित बाबा रामदेवजी की पावन स्थली के लिए 21.16 करोड़ रुपये, जैसलमेर स्थित माँ देगराय मंदिर के लिए 11.84 करोड़ रुपये, फलोदी के बापिणी स्थित लोक देवता मेहोजी मांगलिया मंदिर के लिए 16 करोड़ रुपये तथा कोलू पाबूजी धाम के लिए 1.93 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

स्वीकृत राशि से इन चारों धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इन स्थलों की धार्मिक आस्था, लोक परंपरा, ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक महत्व को संरक्षित रखते हुए इन्हें पर्यटन की दृष्टि से भी बेहतर ढंग से विकसित किया जाएगा।

राजस्थान की लोक आस्था में बाबा रामदेवजी का रामदेवरा धाम विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व रखता है। देशभर से श्रद्धालु बाबा रामदेवजी की समाधि के दर्शन के लिए रामदेवरा पहुंचते हैं। भादवा मेले के दौरान यहां लाखों श्रद्धालुओं और जातरुओं का विशाल जनसमागम होता है।

केंद्रीय मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि बाबा रामदेवजी के प्रति समाज के सभी वर्गों में गहरी आस्था है और रामदेवरा सामाजिक समरसता, सद्भाव और लोक आस्था की हमारी समृद्ध परंपरा का प्रतीक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के विजन के अनुरूप रामदेवरा में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार और धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से स्वदेश दर्शन योजना के तहत 21.16 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इस राशि से रामदेवरा में श्रद्धालु एवं पर्यटक सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विकास कार्य किए जाएंगे। इससे देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा बाबा रामदेवजी से जुड़ी इस महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और विकास को नई गति मिलेगी।

जैसलमेर की आराध्या एवं ऐतिहासिक आस्था केंद्र माँ देगराय मंदिर के विकास के लिए 11.84 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास करने के साथ ही इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल को पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने कहा कि माँ देगराय के प्रति जैसलमेरवासियों की आस्था शताब्दियों पुरानी है। भाटी राजवंश की आराध्या एवं जैसलमेर की रक्षक देवी के रूप में माँ देगराय का विशेष स्थान है। यह स्थल जैसलमेर की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु माँ देगराय के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। उनकी सुविधा और आस्था का सम्मान करते हुए स्वदेश दर्शन योजना के तहत 11.84 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इससे मंदिर एवं आसपास के क्षेत्र में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार होगा और इस महत्वपूर्ण आस्था केंद्र को पर्यटन मानचित्र पर और बेहतर ढंग से विकसित किया जा सकेगा।

फलोदी के बापिणी स्थित लोक देवता मेहोजी मांगलिया मंदिर के विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना के तहत 16 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

राजस्थान की लोक परंपरा में मेहोजी मांगलिया वीरता, त्याग और गौसेवा की भावना के प्रतीक माने जाते हैं। बापिणी स्थित उनका मंदिर क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ग्रामीण समाज में उन्हें लोक देवता और गौरक्षक के रूप में श्रद्धा से स्मरण किया जाता है। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को यहां आयोजित होने वाला मेला इस लोक आस्था की जीवंत अभिव्यक्ति है।

केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने कहा कि मेहोजी मांगलिया से जुड़ी लोक आस्था और गौरवशाली परंपरा राजस्थान की विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। इसी विरासत को संरक्षित और विकसित करते हुए यहां 16 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य करवाए जाएंगे। प्रयास है कि मेहोजी मांगलिया की लोक परंपरा को व्यापक पहचान मिले और श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।

राजस्थान के महान लोक देवता पाबूजी महाराज का फलोदी के कोलू गांव से गहरा संबंध है। वीरता, वचनपालन, गौसेवा और लोक कल्याण के लिए पाबूजी महाराज को राजस्थान के जनमानस में सदियों से श्रद्धा के साथ स्मरण किया जाता है। लोक मान्यता में वे ऊंटों के देवता के रूप में भी पूजित हैं। उनकी वीरगाथा ‘पाबूजी की फड़’ राजस्थान की समृद्ध लोक कला और मौखिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कोलू स्थित पाबूजी धाम में प्रतिवर्ष चैत्र अमावस्या पर विशाल मेला आयोजित होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत ने बताया कि इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर के विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना के तहत 1.93 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इससे पाबूजी महाराज से जुड़ी लोक आस्था, लोक कला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि राजस्थान की पहचान केवल उसके ऐतिहासिक किलों और महलों से नहीं, बल्कि यहां की लोक आस्था, लोक देवताओं, मंदिरों, मेलों और सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं से भी है। रामदेवरा, माँ देगराय, मेहोजी मांगलिया और पाबूजी जैसे आस्था केंद्र राजस्थान की जीवंत सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं।

उन्होंने कहा कि इन स्थलों पर होने वाले विकास कार्यों से श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार होगा और देश-दुनिया से आने वाले पर्यटकों के लिए इन स्थलों को बेहतर ढंग से विकसित एवं प्रस्तुत किया जा सकेगा। धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।

श्री शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के विजन के अनुरूप सरकार का प्रयास है कि राजस्थान की समृद्ध लोक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण करते हुए आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाए। हमारा लक्ष्य केवल भवन और सुविधाएं विकसित करना नहीं, बल्कि इन आस्था केंद्रों की आत्मा और उनकी गौरवशाली परंपरा को संरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों तक उनकी गरिमा और विरासत को पहुंचाना है।

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