डॉ. सुयश कुणाल जोशी को जलवायु परिवर्तन पर शोध के लिए मिली पीएच.डी. की उपाधि
जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से प्राप्त शोध उपाधि में भारत के लिए एक समग्र जलवायु कानून (अम्ब्रेला एक्ट) की आवश्यकता पर विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी में पीएच.डी. शोध प्रबंध के सफल समापन पर डॉ. सुयश कुणाल जोशी (बाएं) और राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी (दाएं)।
जलवायु परिवर्तन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण एवं समकालीन विषय पर किए गए गहन शोध के लिए डॉ. सुयश कुणाल जोशी को जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई है। उनका शोध विषय “भारत में जलवायु परिवर्तन के लिए समग्र (अम्ब्रेला) विधि की आवश्यकता” रहा, जो वर्तमान समय में विधिक और नीतिगत विमर्श का केंद्र बना हुआ है।
यह शोधकार्य प्रख्यात विधि विद्वान प्रो. एस. सी. शास्त्री के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। अपने शोध में डॉ. जोशी ने भारत में वर्तमान जलवायु कानूनों की सीमाओं का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया है और एक समग्र विधायी ढाँचे की आवश्यकता पर विशेष बल दिया है, जिससे जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रभावी एवं समन्वित कानूनी व्यवस्था विकसित की जा सके।
7 मार्च 2026 को आयोजित फाइनल वाइवा के उपरांत उन्हें पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई। उनका यह शोध विधि के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी योगदान के रूप में सामने आया है, जिसे नीति-निर्माताओं, विधि विशेषज्ञों एवं शोधार्थियों के लिए मार्गदर्शक माना जा रहा है। यह अध्ययन भविष्य में भारत की जलवायु नीति और विधायी ढाँचे को दिशा देने में सहायक सिद्ध हो सकता है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
