जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के झोटवाड़ा क्षेत्र स्थित ग्राम मंशारामपुरा के निवासी सुरेश कुमार शर्मा ने अपनी हैरतअंगेज स्मरण शक्ति से समूचे विश्व को अचंभित करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सुरेश ने गणितीय स्थिरांक पाई (Pi) के 1,00,000 अंकों को कंठस्थ कर, आंखों पर पट्टी बांधकर लगातार 16 घंटे 8 मिनट और 15 सेकंड तक बिना रुके सुनाकर विश्व इतिहास रच दिया है। यह अभूतपूर्व उपलब्धि न केवल एक सांख्यिकीय रिकॉर्ड है, अपितु मानव मस्तिष्क की असीम क्षमता, कड़े अनुशासन और अटूट आत्मविश्वास का जीवंत प्रमाण भी है।

इस ऐतिहासिक सफलता पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सुरेश कुमार शर्मा को व्यक्तिगत रूप से सम्मानित करते हुए उनकी विलक्षण प्रतिभा की मुक्त कंठ से सराहना की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गौरवपूर्ण शब्दों में कहा कि सुरेश कुमार शर्मा ने अपनी असाधारण स्मृति शक्ति के माध्यम से न केवल राजस्थान बल्कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर पूरे भारत का मस्तक ऊंचा किया है और उनकी यह उपलब्धि देश के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का एक सशक्त पुंज बनेगी। शिक्षा जगत के उच्चाधिकारियों, जिनमें संयुक्त निदेशक मंजू शर्मा एवं जिला शिक्षा अधिकारी सुनील सिंघल सम्मिलित हैं, ने भी इस सफलता को मानव मस्तिष्क की दुर्लभ क्षमता और समर्पण का उदाहरण बताते हुए हार्दिक बधाई प्रेषित की।

सुरेश कुमार शर्मा की इस उपलब्धि की प्रामाणिकता को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्रदान करते हुए 'इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स', 'एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' एवं 'इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' जैसी तीन प्रतिष्ठित संस्थाओं ने अपने रिकॉर्ड में दर्ज किया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में सुरेश ने 70,030 अंकों का रिकॉर्ड बनाकर चीन के पिछले रिकॉर्ड को ध्वस्त किया था। इसके पश्चात स्वीडन के जोनस सहित चीन के कई प्रतिस्पर्धी इस रिकॉर्ड को चुनौती देने का निरंतर प्रयास कर रहे थे। वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दबाव के बीच सुरेश ने अपने पुराने रिकॉर्ड की केवल रक्षा करने के बजाय उसे पुनर्परिभाषित करने का साहसिक निर्णय लिया। सुरेश के अनुसार, जब उन्हें महसूस हुआ कि उनके रिकॉर्ड को वैश्विक स्तर पर चुनौती मिल रही है, तब उन्होंने स्वयं के लिए एक नया और कठिन मानक स्थापित करने का संकल्प लिया।

1,00,000 अंकों के साथ स्थापित यह नया वैश्विक मानक भविष्य के प्रतिभागियों के लिए एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण लक्ष्य बन गया है। इस रिकॉर्ड की विशिष्टता इसकी निरंतरता, त्रुटिहीनता और 16 घंटों से अधिक की अविचल एकाग्रता में निहित है। वर्षों के कठोर अभ्यास और हजारों घंटों के मानसिक अनुशासन से उपजी यह सफलता आज सुरेश कुमार शर्मा को ‘India’s Memory Master’ के रूप में नई पहचान दिला चुकी है। वर्तमान में शीर्ष स्थान पर काबिज होने के उपरांत भी सुरेश का लक्ष्य यहीं समाप्त नहीं होता; वे भविष्य में स्मृति विज्ञान के क्षेत्र में और भी बड़े कीर्तिमान स्थापित कर भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए संकल्पित हैं।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story