जयपुर स्थित निवास पर इजराइल के माननीय राजदूत श्री फारेस सैब का आगमन हुआ। माननीय मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंत्री श्री रावत की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई, जिसमें संबंधित विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक में भारत और इजराइल के बीच जल संचय, सिंचाई, जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों और नवाचारों पर विस्तार से सार्थक चर्चा हुई। सीमित जल संसाधनों के बावजूद कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में इजराइल की उपलब्धियां विश्वभर में मिसाल मानी जाती हैं। ऐसे में राजस्थान जैसे जल की कमी वाले प्रदेश के लिए इजराइल के अनुभव उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं।

मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि सरकार जल संवर्धन एवं जल संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में अटल संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित रखना हम सबका सामूहिक दायित्व है। आधुनिक तकनीक और नवाचारों को अपनाकर प्रदेश के प्रत्येक खेत तक पानी पहुंचाने और हर बूंद का सदुपयोग सुनिश्चित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।

बैठक में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और संरक्षण के लिए दोनों देशों के अनुभवों तथा तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। राजदूत श्री फारेस सैब ने भी इस दिशा में परस्पर सहयोग को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई। बैठक में जल संचय, सिंचाई और संरक्षण के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक तथा नवाचारों के उपयोग को लेकर भारत-इजराइल सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा केंद्रित रही।

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