उदयपुर रोड स्थित ब्रह्मधाम में हरेराम आश्रम कनखल, हरिद्वार के ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर सुखदेव मुनि महाराज की 40वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित संत सम्मेलन में संतों ने सनातन धर्म की प्राचीन परंपराओं और वर्तमान समय में संत समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

ब्रह्मानन्द सत्संग मण्डल के अध्यक्ष गणपत लाल सर्राफ ने बताया कि महामंडलेश्वर कपिल मुनि महाराज के सान्निध्य एवं ब्रह्मानन्द सत्संग मण्डल के तत्वावधान में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा वाचिका प्रियांशी भारद्वाज ने मधुर वाणी से श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराया।

कथा विश्राम एवं बरसी के अवसर पर संत सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में संत वृन्द ने सनातन धर्म की प्राचीन परंपराओं पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में संत समुदाय के सनातन धर्म पर महत्व को लेकर प्रवचन दिए।

सम्मेलन के समापन पर प्रसादी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सत्संग मण्डल के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य सहित अनेक भक्तजन उपस्थित रहे। संत सम्मेलन के माध्यम से सनातन धर्म की परंपराओं और संत समुदाय की भूमिका पर विचार-विमर्श के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story