राज्य स्तरीय लखपति दीदी संवाद: राजस्थान की ग्रामीण महिलाएं बनीं आत्मनिर्भरता की नई पहचान
जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लखपति दीदियां अग्रणी राजस्थान की नई पहचान हैं। राजीविका और लखपति दीदी योजना के जरिए प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक परिवर्तन की मजबूत धुरी बन रही हैं।

जयपुर, 21 दिसम्बर।
राजस्थान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तीकरण को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लखपति दीदियां आज अग्रणी राजस्थान की उभरती हुई तस्वीर बन चुकी हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के महिलाओं को सशक्त, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को साकार करती लखपति दीदी योजना के माध्यम से अब प्रदेश की महिलाएं लखपति से आगे बढ़कर मिलेनियर बनने की ओर अग्रसर हैं। यह विचार उन्होंने हरिश्चंद्र माथुर राजस्थान लोक प्रशासन संस्थान (ओटीएस) में आयोजित राज्य स्तरीय लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद ‘राजीविका’ आज केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि गांवों में सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन की सशक्त धुरी बन चुका है। सरकार का संकल्प है कि हर हाथ को हुनर और हर घर को रोजगार मिले, और इस लक्ष्य को हासिल करने में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने संघर्ष से सफलता तक का सफर तय करने वाली महिलाओं की प्रेरक कहानियों का उल्लेख किया। उन्होंने जयपुर के फागी की सुशीला देवी का उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार पारंपरिक ब्लू पॉटरी कला को अपनाकर उन्होंने सीमित संसाधनों में भी अपने जीवन को नई दिशा दी और अपने उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया। इसी तरह सरिता कंवर ने सिलाई व्यवसाय से घरेलू उद्योग की नींव रखी, जबकि करौली जिले की अरुणा शर्मा ने प्रशिक्षण लेकर बेकरी व्यवसाय शुरू किया और अपने उत्पादों को राज्य के बाहर तक पहचान दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये कहानियां महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई ऊर्जा का प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 19 लाख 45 हजार महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है और प्रदेश में 12 लाख से अधिक लखपति दीदियां तैयार की जा चुकी हैं। बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक संबल के लिए शुरू की गई योजनाओं से सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की राशि बढ़ाकर 6,500 रुपये की गई है, जिससे लाखों गर्भवती महिलाओं को लाभ मिला है। सुरक्षा के क्षेत्र में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और एंटी रोमियो स्क्वॉड के प्रभावी संचालन से महिला अपराधों में वर्ष 2023 की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सखियों को टेबलेट वितरित किए। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक से जुड़कर महिलाएं अब अपने उत्पादों की ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स और डिजिटल लेन-देन को और सशक्त बना सकेंगी, जिससे आत्मनिर्भरता की यह यात्रा और तेज होगी।
उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि लखपति दीदी योजना के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं और आज वे हर क्षेत्र में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और महिलाएं हर परिस्थिति में मेहनत के बल पर आगे बढ़ रही हैं।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती श्रेया गुहा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में राजीविका से जुड़ी महिलाएं उपस्थित रहीं। यह संवाद कार्यक्रम न केवल सरकारी प्रयासों की झलक था, बल्कि उस बदलते राजस्थान की कहानी भी, जहां ग्रामीण महिलाएं विकास की धुरी बनकर उभर रही हैं।
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Pratahkal Bureau
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