जयपुर, 25 दिसम्बर।

राजस्थान सरकार ने युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाते हुए राज्य स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया, जहां रोजगार, कौशल और उद्यमिता को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार पर्यटन, सौर ऊर्जा, उद्योग और अन्य उभरते क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

राज्य सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गुरुवार को जयपुर के कॉमर्स कॉलेज में आयोजित इस भव्य राज्य स्तरीय रोजगार मेले को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि पांच वर्षों में 4 लाख सरकारी और 6 लाख निजी रोजगार सृजित करने के लक्ष्य के तहत अब तक लगभग 92 हजार सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1.53 लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि निजी क्षेत्र में भी 2 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं और जल्द ही राज्य सरकार युवा नीति भी लेकर आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रोजगार मेला सरकार की उस दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है, जिसमें रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास और उद्यमिता को समान महत्व दिया गया है। मेले में 20 से अधिक सेक्टर्स से जुड़े 100 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया, जिससे हजारों युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर मिले। उन्होंने आश्वस्त किया कि ऐसे रोजगार मेले अब प्रत्येक जिले में निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि स्थानीय स्तर पर युवाओं को स्थायी रोजगार मिल सके।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उस दौर में पेपर लीक के कारण प्रदेश के युवाओं को असहनीय पीड़ा झेलनी पड़ी। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के 1893 के ऐतिहासिक संदेश का उल्लेख करते हुए युवाओं से लक्ष्य प्राप्ति तक निरंतर प्रयास करते रहने का आह्वान किया और कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार ने बीते दो वर्षों में पानी, बिजली, उद्योग और रोजगार जैसे क्षेत्रों में ठोस रोडमैप पर कार्य किया है। इस समिट के दौरान 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए, जिनमें से 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा अब तक लगभग 410 रोजगार सहायता शिविर आयोजित किए गए हैं, जिनके माध्यम से 1 लाख 11 हजार से अधिक बेरोजगार अभ्यर्थियों का चयन रोजगार के लिए किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 4 लाख से अधिक युवाओं को लाभान्वित किया गया है और अब तक 1 हजार 156 करोड़ रुपये की राशि बेरोजगारी भत्ते के रूप में वितरित की जा चुकी है।

कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि मरुधरा की मिट्टी के युवा मेहनती और अनुशासित हैं, यही कारण है कि निजी क्षेत्र की कंपनियां यहां के युवाओं को प्राथमिकता से रोजगार दे रही हैं। उन्होंने रोजगार मेले को आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण द्वार बताते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट में हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक की ग्राउंड ब्रेकिंग युवाओं के लिए उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने निजी कंपनियों में चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे और विभिन्न कंपनियों की स्टॉल का निरीक्षण कर जानकारी ली। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामगोपाल सुथार सहित बड़ी संख्या में युवा और निजी नियोक्ता उपस्थित रहे। यह रोजगार मेला न केवल युवाओं के लिए अवसरों का मंच बना, बल्कि राजस्थान के आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक मजबूत संदेश भी देकर गया।

Pratahkal Newsroom

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