जयपुर, 21 मई। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में गुरुवार को शासन सचिवालय स्थित चिन्तन सभागार में राज्य सहकारी विकास समिति (एससीडीसी) की 9वीं बैठक आयोजित हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में 'सहकार से समृद्धि' के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं पहलों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कृषि, डेयरी एवं सहकारिता विभाग के मध्य आपसी समन्वय को और अधिक सुदृढ़ कर विकास कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने विश्व की वृहत् अन्न भण्डारण योजना के संदर्भ में कहा कि गोदामों का निर्माण एवं उनका प्रभावी उपयोग राज्य सरकार की उच्च प्राथमिकताओं में है, जिस पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने नवीन डेयरी सहकारी समितियों के गठन की प्रक्रिया में गति लाकर निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति के निर्देश दिए। साथ ही, 'सहकारिता में सहकार' पहल के तहत अधिक से अधिक डेयरी समितियों एवं उनके सदस्यों के खाते सहकारी बैंकों में खुलवाने तथा उनके माध्यम से वित्तीय ट्रांजेक्शन बढ़ाने पर जोर दिया गया। श्री श्रीनिवास ने प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों की स्थिति और व्यवहार्यता के आकलन हेतु नाबार्ड के स्तर पर एक विशेषज्ञ समिति गठित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सहकारी बैंकों की सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए फाइनेंसियल टेक्नोलॉजी के उपयोग को अनिवार्य बताया और कहा कि बेहतरीन कार्य करने वाली सहकारी समितियों के नवाचारों को अन्य समितियों के साथ साझा किया जाए ताकि वे भी उनसे प्रेरणा प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री दुग्ध संबल योजना की सब्सिडी को सीधे सहकारी बैंक खातों में हस्तांतरित करने की संभावनाओं पर भी बैठक में विचार-विमर्श किया गया। मुख्य सचिव ने सहकारिता के माध्यम से आमजन को लाभान्वित करने के राज्य सरकार के ध्येय को दोहराते हुए अधिकारियों के कार्यों की सराहना की।

सहकारिता विभाग के शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां डॉ. समित शर्मा ने प्रस्तुतीकरण देते हुए अवगत कराया कि राज्य में 1,811 नवीन एम-पैक्स, 3,434 नवीन डेयरी सहकारी समितियां और 31 नई मत्स्य समितियां गठित की जा चुकी हैं, जबकि निष्क्रिय समितियों के अवसायन की कार्यवाही जारी है। उन्होंने बताया कि पैक्स कम्प्यूटराइजेशन परियोजना के तहत 6,526 पैक्स को गो-लाइव किया गया है। राज्य की 4,392 पैक्स को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्रों के रूप में उन्नत किया गया है, 68 पैक्स एफपीओ के रूप में कार्य कर रही हैं और 6,965 पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर एवं ई-मित्र कियोस्क के रूप में ऑनबोर्ड किया गया है।

अन्न भण्डारण योजना के संबंध में डॉ. शर्मा ने बताया कि वर्ष 2024-25 में घोषित 100 में से 98 गोदामों का निर्माण पूरा हो चुका है और 2025-26 के गोदामों का कार्य प्रगतिरत है। राज्य की 6,652 समितियां बीबीएसएसएल, 1,301 समितियां एनसीईएल एवं 1,516 समितियां एनसीओएल की सदस्यता ले चुकी हैं। जयपुर में 'सहकार वन' विकसित करने का कार्य और 'भारत टैक्सी' सेवा का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। 'सहकारिता में सहकार' के अंतर्गत डेयरी समितियों को बैंक मित्र नियुक्त कर माइक्रो एटीएम वितरित किए जा रहे हैं। भारत सरकार द्वारा राजस्थान को इस अभियान के लिए चार फोकस राज्यों में शामिल किए जाने के कारण आगामी दिनों में कार्य और तेज गति से होंगे। शासन सचिव ने गर्व के साथ बताया कि 'सहकार से समृद्धि' की क्रियान्विति में राजस्थान देश में अग्रणी है; बीबीएसएसएल की सदस्यता में राज्य प्रथम है, पैक्स गो-लाइव में दूसरे, ई-पैक्स में तीसरे स्थान पर है तथा 9.60 करोड़ ई-ट्रांजेक्शन के साथ राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है।

इस बैठक में वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री वैभव गालरिया, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री विकास सीतारामजी भाले, कृषि विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती मंजू राजपाल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव श्री अम्बरीश कुमार, आरसीडीएफ प्रबंध निदेशक श्रीमती श्रुति भारद्वाज, ईजीएस आयुक्त श्रीमती पुष्पा सत्यानी, राजफेड प्रबंध निदेशक श्री सौरभ स्वामी एवं नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक श्री आर. रवि बाबू सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक राज्य के सहकारी सेक्टर को जमीनी स्तर तक और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम सिद्ध हुई।

Pratahkal Newsroom

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