भारत के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक सशक्त बनाने तथा नवाचार आधारित विकास को गति देने की दिशा में शुक्रवार को जयपुर में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के अंतर्गत संचालित स्टार्टअप इंडिया ने राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DoIT&C) के सहयोग से भामाशाह टेक्नो हब में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम ने न केवल राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊर्जा प्रदान की, बल्कि भारत की नवाचार यात्रा में राजस्थान की बढ़ती भूमिका को भी राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित किया।

कार्यक्रम में DPIIT, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री अतीश कुमार सिंह ने विशेष रूप से भाग लिया और भामाशाह टेक्नो हब का दौरा करते हुए राज्य के स्टार्टअप संस्थापकों, नवाचार विशेषज्ञों, निवेशकों तथा अन्य प्रमुख हितधारकों के साथ विस्तृत संवाद किया। इस दौरान राजस्थान में उद्यमिता के उभरते अवसरों, चुनौतियों और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर व्यापक चर्चा हुई।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “Celebrating 12 Years of the Government and 10 Years of the Startup India Initiative” विषय पर आयोजित विशेष संबोधन रहा। अपने वक्तव्य में श्री अतीश कुमार सिंह ने पिछले एक दशक में स्टार्टअप इंडिया पहल की परिवर्तनकारी यात्रा और उससे जुड़े महत्वपूर्ण पड़ावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया के दस वर्ष और वर्तमान सरकार के बारह वर्ष पूरे होने के इस महत्वपूर्ण अवसर पर राजस्थान की उपलब्धियां राज्य की उद्यमिता और नवाचार के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि भविष्य की रणनीति केवल जयपुर जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन जिलों और समुदायों तक भी पहुंचनी चाहिए जो अभी तक इस नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का पूर्ण रूप से हिस्सा नहीं बन सके हैं। उन्होंने TEJAS जैसी पहलों को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि भारत की नवाचार यात्रा के अगले दशक को आकार देने में राजस्थान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाली है।

कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप इंडिया टीम ने स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध विभिन्न योजनाओं, प्रोत्साहन कार्यक्रमों और सहायता तंत्रों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रतिभागियों को DPIIT स्टार्टअप मान्यता, वित्तीय एवं ऋण सहायता योजनाओं तथा नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की गई।

इस अवसर पर ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री विभोर जैन का विशेष सत्र भी आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप्स और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) ONDC के ओपन नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग कर नए ग्राहकों, बाजारों और व्यावसायिक अवसरों तक पहुंच बना सकते हैं। सत्र में महिला उद्यमियों, किसानों, फार्मर प्रोड्यूसर्स ऑर्गेनाइजेशंस (FPO) तथा सेल्फ हेल्प ग्रुप्स (SHGs) के लिए संचालित ‘अमेज़िंग इंडिया’ पहल और किराना स्टोर्स व जनरल ट्रेड रिटेलर्स के लिए ‘डिजिदुकान’ के माध्यम से डिजिटल खरीद प्रणाली की जानकारी साझा की गई।

श्री विभोर जैन ने कहा कि ONDC का उद्देश्य उन बाधाओं को दूर करना है जिन्हें बाजार स्वयं हल नहीं कर सकता तथा ऐसा साझा डिजिटल बुनियादी ढांचा तैयार करना है जो सभी आकार के व्यवसायों के लिए डिजिटल वाणिज्य को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाए। उन्होंने स्टार्टअप्स, MSMEs और इकोसिस्टम इनोवेटर्स को नेटवर्क पर आधारित नवाचार विकसित करने और भारत में डिजिटल वाणिज्य के भविष्य को आकार देने के लिए आमंत्रित किया।

कार्यक्रम में स्टार्टअप संस्थापकों, इनक्यूबेटर्स, उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों, शैक्षणिक संस्थानों और विभिन्न सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संवाद, ज्ञान-साझाकरण और सहयोग के इस मंच ने राज्य में नवाचार एवं उद्यमिता को नई दिशा देने की संभावनाओं को मजबूत किया।

यह आयोजन आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत@2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, नवाचार आधारित आर्थिक विकास को गति देने तथा देशभर में एक मजबूत, समावेशी और गतिशील स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में उभरा।

Pratahkal Bureau

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