श्रीनगर राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में राजस्थान की उपलब्धियों का डंका, नवाचारों को मिली राष्ट्रीय सराहना
श्रीनगर में आयोजित राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में राजस्थान की सहकारिता क्षेत्र की उपलब्धियों और नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। शासन सचिव सहकारिता डॉ. समित शर्मा ने 1969 बहुउद्देशीय समितियों, 6753 सदस्यताओं, 120 गोदामों और ईआरपी में 10.91 करोड़ प्रविष्टियों सहित राज्य की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया।

श्रीनगर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के तकनीकी सत्र के दौरान मंच पर आसीन शासन सचिव सहकारिता डॉ. समित शर्मा (माइक हाथ में लिए) एवं अन्य राज्यों के प्रशासनिक अधिकारी और प्रतिनिधि।
श्रीनगर में आयोजित राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में राजस्थान ने सहकारिता क्षेत्र में अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों और नवाचारों से राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान बनाई। सम्मेलन के अंतर्गत ‘‘व्यवसाय विविधीकरण के माध्यम से पैक्स को सशक्त बनाना’’ विषय पर आयोजित तकनीकी सत्र की अध्यक्षता करते हुए शासन सचिव सहकारिता डॉ. समित शर्मा ने राज्य की उपलब्धियों एवं नवाचारों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया, जिसे विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने सराहा।
डॉ. समित शर्मा ने कहा कि भारत सरकार की ‘‘सहकार से समृद्धि’’ तथा ‘‘सहकारिता में सहकार’’ पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि राज्य ने सहकारिता क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें 1969 बहुउद्देशीय सहकारी समितियों का गठन, 6753 सहकारी समितियों को भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड की सदस्यता दिलाना, 120 गोदामों का निर्माण तथा ईआरपी प्रणाली में 10.91 करोड़ प्रविष्टियां दर्ज करना शामिल है। इन उपलब्धियों के आधार पर राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है।
उन्होंने बताया कि राज्य में सक्रिय ई-पैक्स, गो-लाइव, डे एण्ड तथा ऑन सिस्टम ऑडिट जैसे क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। डॉ. शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के सतत प्रयासों, प्रभावी मॉनिटरिंग तथा सहकारी संस्थाओं के समन्वित कार्यों के परिणामस्वरूप राजस्थान सहकारिता क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है और सहकारिता आंदोलन को सुदृढ़ बनाने में उल्लेखनीय योगदान दे रहा है।
तकनीकी सत्र के दौरान उन्होंने सहकारी समितियों द्वारा निर्मित गोदामों को एनसीसीएफ और नाफेड द्वारा हायरिंग एश्योरेंस के आधार पर शीघ्र किराये पर लेने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सम्मेलन में प्रस्तुत राजस्थान मॉडल और राज्य द्वारा हासिल विभिन्न उपलब्धियों की सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार तथा सम्मेलन में शामिल प्रतिभागियों ने सराहना की।
राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन में राजस्थान की उपलब्धियों को मिली यह मान्यता न केवल राज्य की सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता का प्रमाण है, बल्कि देश में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देने की उसकी अग्रणी भूमिका को भी रेखांकित करती है।

Pratahkal Bureau
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