जयपुर के श्री अमरापुर स्थान में सद्गुरु स्वामी टेऊँराम प्राकट्य दिवस पर 108 नामावली संग दिव्य यज्ञ, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
जयपुर के श्री अमरापुर स्थान में सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज के प्राकट्य दिवस पर 108 नामावली के साथ यज्ञ, कथा, झूला झांकी और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।

श्री अमरापुर स्थान में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालु।
जयपुर स्थित आस्था, भक्ति और श्रद्धा के प्रमुख केंद्र श्री अमरापुर स्थान में आचार्य श्री सद्गुरु स्वामी टेऊराम जी महाराज के पावन चालिहा महोत्सव के अंतर्गत प्राकट्य दिवस श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। प्रातःकाल से ही यज्ञ स्थल पर “ॐ सतनाम साक्षिणे नमः… स्वामी टेऊँरामाय नमः…” सहित 108 नामों के मंत्रोच्चार गूंजते रहे। हवन यज्ञ, सामूहिक चालीसा पाठ, सतगुरु टेऊराम जीवन चरित्रामृत कथा, भव्य धार्मिक आयोजन और आकर्षक झांकियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। हजारों की संख्या में श्रद्धालु गुरु दरबार में दर्शन कर आस्था का लाभ लेने पहुंचे।
अंग्रेजी तिथि के अनुसार आचार्य श्री सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज का जन्म 6 जुलाई 1887 को खंडू गांव में हुआ था। इसी क्रम में 6 जुलाई को उनके प्राकट्य दिवस पर विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। प्रातःकाल हुई वर्षा की बूंदों को श्रद्धालुओं ने इंद्रदेव भगवान द्वारा “श्री गुरु महाराज जी” का अभिनंदन माना। इसके बाद 40 मिनट तक चले हवन यज्ञ में 11 विद्वान ब्राह्मणों और वेदाचार्यों के सान्निध्य में 40 दम्पत्तियों ने सद्गुरु टेऊँराम अष्टोत्तरशतनामावली की आहुतियां दीं। इस दौरान ब्राह्मणों ने आचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज के 108 नामों का उच्चारण किया और संत-महात्माओं तथा श्रद्धालुओं ने उन्हीं नामों के साथ यज्ञ में आहुति अर्पित की। “ॐ श्री टेऊँरामाय नमः”, “ॐ सतनामसाक्षी प्रचारकाय नमः”, “ॐ श्री चेलानंदनाय नमः” और “ॐ श्री कृष्णासुताय नमः” सहित 108 नामों का मंत्रोच्चार पूरे यज्ञ स्थल में गूंजता रहा।
सद्गुरु स्वामी टेऊराम जी महाराज के पावन चालिहा महोत्सव की धार्मिक गतिविधियां गुलाबी नगरी के विभिन्न क्षेत्रों में भी जारी हैं। घर-घर मनाए जा रहे चालिहा महोत्सव के साथ प्रतिदिन श्रद्धालुओं के जत्थे श्री अमरापुर स्थान पहुंच रहे हैं। प्राकट्य दिवस पर मालवीय नगर से 108 भक्तों का जत्था प्रातः 6 बजे दर्शन-दीदार के लिए श्री अमरापुर स्थान पहुंचा। 40 दम्पत्तियों के साथ इन 108 श्रद्धालुओं ने भी हवन यज्ञ में आहुति दी। इससे पूर्व बनीपार्क, नहरी का नाका और मानसरोवर सहित अन्य क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं की टोलियां दर्शन के लिए श्री अमरापुर स्थान पहुंच चुकी थीं।
पूज्य गोपाल शरण शास्त्री जी के सान्निध्य में आयोजित पंच दिवसीय कथा का प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु श्रवण कर रहे हैं। इसी कथा के दौरान आचार्य श्री सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज का प्राकट्य दिवस अंग्रेजी तिथि 6 जुलाई के अनुसार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भव्य झूला झांकी के दर्शन, बधाई गीत, शहनाई वादन और प्रसादी उछाल के माध्यम से श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
बाल स्वरूप में विराजमान सद्गुरु स्वामी टेऊँराम महाराज के प्राकट्य दिवस पर खिलौने, ड्राई फ्रूट, खीर प्रसादी, फल, टॉफी और लड्डू महाप्रसादी का उछाल किया गया तथा खीर प्रसादी का विशेष भोग लगाया गया। गीता जी का 15वां अध्याय सुनाने वाले बच्चों को पुरस्कार और उपहार वितरित किए गए। मंदिर को पुष्पों से सजाया गया और आयोजन में अनेक संत-महात्माओं तथा गणमान्य लोगों ने सहभागिता निभाई। धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला के बीच श्री अमरापुर स्थान में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण पूरे दिन बना रहा।

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