राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर विशेष: लॉजिस्टिक अवसंरचना में उल्लेखनीय प्रगति, माल परिवहन लागत में कमी के लिए उठाए निर्णायक कदम
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के 18 स्टेशनों को ऑल-वेदर टू-लेन सड़कों से जोड़ने का कार्य प्रगति पर है। राज्य सरकार के कदम से माल परिवहन लागत में कमी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

जयपुर, 21 दिसंबर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व एवं प्रभावी नीतियों के तहत राजस्थान में परिवहन और लॉजिस्टिक अवसंरचना के विकास में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में माल परिवहन लागत में कमी लाने और औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को मूर्त रूप दिया है। इन प्रयासों का उद्देश्य प्रदेश में व्यापार और उद्योग के लिए सुगम, त्वरित और किफायती परिवहन सुनिश्चित करना है।
प्रदेश से होकर गुजरने वाले पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के सभी प्रमुख स्टेशनों को ऑल-वेदर टू-लेन सड़कों से जोड़ने का काम प्रगति पर है। इस योजना के तहत कुल 12 स्टेशनों तक सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। 112 करोड़ रुपये की लागत से 59 किलोमीटर लंबी टू-लेन सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें किशनगढ़, मारवाड़ जंक्शन, केशवगंज और बनास स्टेशनों तक का सड़कों का काम पूर्ण हो चुका है। वहीं, श्रीमाधोपुर, सराधना, हरिपुर, चंडावल, जवाली, बिरोलिया, साखून और स्वरूपगंज स्टेशनों को जोड़ने का कार्य भी तेजी से जारी है।
इन सड़कों के निर्माण से उद्योगों को कच्चे माल एवं तैयार उत्पादों के परिवहन में सुगमता मिलेगी और माल परिवहन लागत में महत्वपूर्ण कमी आएगी। लॉजिस्टिक दक्षता में वृद्धि से औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा तथा रोजगार के नवीन अवसर उपलब्ध होंगे।
फ्रेट कॉरिडोर की कनेक्टिविटी और मजबूत बनाने के लिए बधाल DFCC टर्मिनल को राष्ट्रीय राजमार्ग-52 से जोड़ने हेतु 95 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, मुख्य जिला सड़क-81 पर बागावास बाईपास का निर्माण 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति के साथ प्रारंभ हो गया है, और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मंडा रीको औद्योगिक क्षेत्र को लालासर (MDR-81) से जोड़ने के लिए 9 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है और कार्य प्रगति पर है।
उल्लेखनीय है कि भारतीय रेलवे द्वारा विकसित किए जा रहे 1504 किलोमीटर लंबे पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में से लगभग 564 किलोमीटर राजस्थान से होकर गुजरता है। इस मार्ग पर कुल 18 नवीन फ्रेट स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 स्टेशन पहले समुचित सड़क सुविधा से वंचित थे। राज्य सरकार की बजट घोषणा के बाद अब इन सभी स्टेशनों को ऑल वेदर रोड से जोड़ने का कार्य तेजी से प्रगति पर है।
राज्य सरकार की यह पहल न केवल माल परिवहन लागत में कमी लाएगी, बल्कि औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए भी एक ठोस आधार तैयार करेगी। लॉजिस्टिक अवसंरचना में यह उल्लेखनीय कदम राजस्थान को निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के लिए और अधिक आकर्षक बनाएगा।
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Pratahkal Bureau
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