बिसाऊ/झुंझुनू। पर्यावरण संरक्षण एवं पक्षी संवर्धन की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बिसाऊ के निकटवर्ती गांव दुलचास स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में गौरैया आवास स्थापित किए गए हैं। आधुनिकता की दौड़ में विलुप्त हो रही नन्ही गौरैया को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने और विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से विद्यालय परिवार ने इस विशिष्ट अभियान का आगाज किया है।

इस पहल के तहत विद्यालय परिसर में सुंदर गौरैया घर लगाए गए हैं, जो न केवल पक्षियों को संरक्षण देंगे बल्कि शैक्षणिक वातावरण में प्रकृति प्रेम का संचार भी करेंगे। इन गौरैया आवासों की उपलब्धता अध्यापक सुनील बैरासर द्वारा सुनिश्चित की गई, जिनके सहयोग से विद्यालय में इस पक्षी मित्र योजना को मूर्त रूप दिया जा सका।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक संदीप चाहर ने इस अवसर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में मानवीय हस्तक्षेप और शहरीकरण के कारण गौरैया की संख्या में निरंतर गिरावट आ रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विद्यालय स्तर पर किया गया यह छोटा सा प्रयास भावी पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश देगा। अभियान के दौरान विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बनता था; उन्होंने न केवल गौरैया आवासों की स्थापना में सक्रिय भूमिका निभाई, बल्कि नियमित रूप से पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करने का सामूहिक संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय स्टाफ सदस्य राजेश, मंजू, सरोज, डिम्पल, ममता एवं संगीता सहित संपूर्ण शैक्षणिक टीम उपस्थित रही। ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने विद्यालय प्रशासन की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह के जीवंत प्रयास न केवल जैव विविधता को बचाए रखने में सहायक सिद्ध होंगे, बल्कि समाज में प्रकृति संरक्षण के प्रति एक नई चेतना जागृत करेंगे।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story