सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: राजस्थान के 1008 वरिष्ठ नागरिकों ने किए ज्योतिर्लिंग के दर्शन
राजस्थान सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत श्रद्धालुओं ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और मंदिर का इतिहास जाना।

राजस्थान सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत राज्य के 1008 श्रद्धालु सोमनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर संध्या आरती में भाग लिया।
वेरावल। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के पावन अवसर पर राजस्थान सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत एक विशेष आध्यात्मिक यात्रा का आयोजन किया गया। इस योजना के तहत राजस्थान से आए 1008 श्रद्धालु वरिष्ठ नागरिकों ने शनिवार को प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव के दिव्य-भव्य दर्शन कर स्वयं को कृतार्थ किया। मंदिर प्रांगण में संध्या आरती में सम्मिलित होकर तीर्थ यात्रियों ने आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया, जिसके पश्चात उन्होंने लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से सोमनाथ महादेव की पौराणिक एवं ऐतिहासिक गाथा को आत्मसात किया।
यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के उस अटल, अमिट और अद्वितीय स्वाभिमान का प्रतीक है, जिसने बार-बार विदेशी आक्रमणों को झेला, लूटा गया और खंडित किया गया, किंतु प्रत्येक बार पुनः अपनी शक्ति के साथ स्थापित हुआ। भारत की स्वतंत्रता के पश्चात तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के संकल्प से हुए इस मंदिर के पुनरुद्धार ने यह सिद्ध कर दिया कि आतताइयों की तलवारें ओमकार की ध्वनि को कभी मिटा नहीं सकतीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आरंभ किया गया यह 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' इसी सांस्कृतिक चेतना का महापर्व है, जो आज भी अरब सागर के तट पर भारत की धर्म ध्वजा को गौरव के साथ लहरा रहा है।
इस विशेष यात्रा की शुरुआत 5 जून को जयपुर से हुई, जहाँ से वरिष्ठ नागरिक विशेष ट्रेन के माध्यम से वेरावल पहुँचे। 6 जून को वेरावल रेलवे स्टेशन पर गुजरात सरकार द्वारा इन श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया गया, जहाँ गुजराती लोक संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुतियों ने वातावरण को उत्साह से भर दिया। राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग और गुजरात सरकार के संयुक्त प्रयासों से यात्रियों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गई थीं, जिनमें वातानुकूलित बसों द्वारा परिवहन, थ्री स्टार होटल में आवास और उच्च गुणवत्तायुक्त भोजन सम्मिलित था।
गिर सोमनाथ प्रवास के दौरान तीर्थ यात्रियों को गोलकधाम, राम मंदिर, बाणगंगा और भालका तीर्थ के दर्शन कराए गए। साथ ही, उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व गैलरी, हाट बाजार और सोमनाथ बीच का भ्रमण भी किया। यात्रा प्रभारी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि राजस्थान सरकार का यह प्रयास है कि अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिक तीर्थाटन का लाभ उठा सकें। रविवार रात्रि को ये श्रद्धालु द्वारका एवं नागेश्वर धाम के दर्शन हेतु प्रस्थान करेंगे और 9 जून को विशेष ट्रेन से जयपुर वापसी होगी। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनी है, बल्कि राजस्थान और गुजरात के बीच सांस्कृतिक सेतु को भी सुदृढ़ कर रही है।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
