भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी 'अमृत स्टेशन योजना' के अंतर्गत उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल में स्थित सोमेसर रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह से कायाकल्प होकर यात्रियों के स्वागत के लिए तैयार है। अपने शांत परिदृश्य और जीवंत संस्कृति के लिए विख्यात राजस्थान का यह गंतव्य, जो अब तक पर्यटकों की पहुंच से अपेक्षाकृत अनछुआ रहा है, इस पुनर्विकास के बाद शांति की तलाश करने वाले यात्रियों के लिए एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। वर्तमान में सोमेसर स्टेशन पर कुल 10 ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित है, जहां से प्रतिदिन औसतन 750 यात्री अपनी यात्रा का संचालन करते हैं।

लगभग 19.35 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली इस पुनर्विकास परियोजना के तहत स्टेशन के मुख्य भवन का पूर्णतः नवीनीकरण कर उसे एक अत्याधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है। यात्रियों की निर्बाध आवाजाही को प्राथमिकता देते हुए मुख्य प्रवेश और निकास द्वारों को भव्य एवं आकर्षक बनाया गया है। रेलवे ने समावेशी विकास को ध्यान में रखते हुए दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाओं का विस्तार किया है, जिसमें टैक्टाइल पाथ, रैंप, समर्पित पार्किंग स्थल और विशेष शौचालयों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।

स्टेशन के बाहरी सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्यीकरण करते हुए वहां यात्रियों के बैठने हेतु आधुनिक फर्नीचर और डिजिटल सूचना बोर्ड स्थापित किए गए हैं। प्लेटफार्मों को उच्चस्तरीय बनाते हुए उन पर नए शेड लगाए गए हैं, साथ ही यात्रियों की सुविधा हेतु लिफ्ट और सुरक्षा के दृष्टिगत 'कैटल गार्ड' की व्यवस्था की गई है। स्टेशन की बाहरी दीवारों को आकर्षक लाइटिंग और बेहतर प्रकाश व्यवस्था से सुसज्जित किया गया है। सोमेसर स्टेशन के इस आधुनिकीकरण का मुख्य उद्देश्य न केवल स्थानीय यात्रियों को उच्चस्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है, बल्कि क्षेत्र के व्यापारिक परिदृश्य और पर्यटन की संभावनाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाना भी है।

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