जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को राजधानी स्थित सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी। भीलवाड़ा दौरे से जयपुर लौटने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने सीधे अस्पताल का रुख किया और धन्वंतरी भवन में संचालित ओपीडी सेवाओं की व्यवस्थाओं का सघन जायजा लिया। इस औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल चिकित्सा सुविधाओं, बल्कि दवाओं की उपलब्धता और अस्पताल परिसर की स्वच्छता का भी बारीकी से अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने मेडिसिन, ऑर्थो, कार्डियो और न्यूरो जैसे महत्वपूर्ण विभागों की ओपीडी का निरीक्षण करते हुए अस्पताल प्रशासन से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वहां उपचार के लिए आए रोगियों और उनके परिजनों से आत्मीयतापूर्ण संवाद स्थापित किया और उनसे प्राप्त फीडबैक के आधार पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि रोगियों की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए संबंधित विभाग की ओपीडी में ही जांच और दवा काउंटर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा के लिए अन्यत्र न भटकना पड़े।

एसएमएस अस्पताल को देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में से एक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, जिससे यहां रोगी भार काफी अधिक रहता है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को सेवाओं के विस्तार और आधुनिक तकनीकी उपायों को अपनाते हुए सुगम एवं सुलभ उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अस्पताल परिसर में मरीजों के बैठने की उचित व्यवस्था, पेयजल की उपलब्धता और उच्च स्तरीय साफ-सफाई बनाए रखने के भी सख्त निर्देश दिए।

मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार एसएमएस अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में चिकित्सा सुविधाओं में व्यापक सुधार हुए हैं, जिसके लिए चिकित्सा विभाग और अस्पताल प्रशासन सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी जहां कहीं सुधार की गुंजाइश होगी, वहां त्वरित कदम उठाए जाएंगे। इस निरीक्षण के दौरान प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी और अस्पताल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी सहित वरिष्ठ चिकित्सक और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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