जयपुर में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC), राजस्थान की 170वीं बैठक 03 सितम्बर 2026 को आयोजित हुई। बैठक की सह-अध्यक्षता राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के अध्यक्ष एवं बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यपालक निदेशक श्री संजय वी. मुदालियर तथा राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने की। बैठक में साइबर अपराध, वित्तीय समावेशन, साख वृद्धि और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन सहित बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक का आयोजन राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, राजस्थान की संयोजक एवं बैंक ऑफ बड़ौदा की महाप्रबंधक श्रीमती परिमिता मिश्रा के संयोजन में किया गया। इसमें डॉ देबाशीष पुष्टी, अतिरिक्त सचिव, वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार, श्री नीलाभ सक्सेना, आयुक्त, उद्योग विभाग, राजस्थान सरकार, श्री विजय कुमार सिंह, अतिरिक्त महा निदेशक, साइबर अपराध, राजस्थान पुलिस, श्री सत्येंद्र कुमार, सीईओ, RITI, राजस्थान सरकार, श्री शांतनु कुमार सिंह, उप महानिरीक्षक, साइबर अपराध, राजस्थान पुलिस, श्री धनपत राज, पुलिस अधीक्षक, साइबर अपराध, राजस्थान पुलिस, श्री रंजीव शंकर, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिज़र्व बैंक, जयपुर, डॉ. आर रवि बाबू, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, जयपुर सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के उच्चाधिकारियों तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के अध्यक्ष श्री संजय वी. मुदालियर ने कहा कि साइबर अपराध बैंकिंग क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इससे निपटने के लिए मजबूत सुरक्षा ढांचे और जागरूकता को आवश्यक बताया गया। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में एसएलबीसी राजस्थान ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

उन्होंने बताया कि 21 जुलाई को सचिवालय, जयपुर में विशेष बैठक आयोजित की गई। इसके अलावा 1930 साइबर क्राइम कॉल सेंटर का दौरा किया गया। “स्मार्ट बैंकिंग एवं सेफ बैंकिंग 2.0” अभियान के तहत 3,400 से अधिक शिविर लगाए गए, जिनके माध्यम से 70,000 ग्राहकों को लाभ पहुंचा।

श्री संजय वी. मुदालियर ने बताया कि सरकार ने आरबीआई के सहयोग से यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (ULI) को ई-धरती पोर्टल से जोड़ा है। इससे भूमि अभिलेखों में ऋण संबंधी प्रविष्टियां ऑनलाइन और सरल होंगी। उन्होंने सभी बैंकों से साइबर अपराध के प्रति सजग रहने, वार्षिक साख योजना को प्रभावी रूप से प्राप्त करने और सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने का आग्रह किया।

बैठक में राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी बैंकों से साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए सक्रिय सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने विकसित राजस्थान 2047 के विजन के चार स्तंभ—गरीब, युवा शक्ति, नारी शक्ति एवं अन्नदाता—को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

मुख्य सचिव ने कहा कि बैंकों को क्रेडिट ग्रोथ के साथ-साथ वित्तीय समावेशन पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि समाज के हर वर्ग तक संस्थागत वित्तीय सेवाओं का लाभ पहुंच सके।

बैठक के दौरान राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, राजस्थान की संयोजक श्रीमती परिमिता मिश्रा ने सभी बैंकों को वार्षिक साख योजना एवं अटल पेंशन योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 की चालू तिमाही में भी इसी प्रकार बेहतर प्रदर्शन जारी रखने का आग्रह किया, ताकि राज्य में वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

बैंक ऑफ बड़ौदा के उप महाप्रबंधक एवं प्रमुख (एसएलबीसी) श्री राज कुमार मीना ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, राजस्थान के सभी सदस्य बैंकों के आवंटित लक्ष्यों के सापेक्ष व्यावसायिक मापदंडों पर तुलनात्मक प्रस्तुतिकरण दिया। बैठक में राज्य सरकार के पास बैंकिंग क्षेत्र से संबंधित लंबित मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान राज्य में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हुई प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में भारतीय रिज़र्व बैंक तथा राजस्थान पुलिस की साइबर अपराध शाखा की ओर से भी प्रस्तुतियां दी गईं। इनमें वित्तीय समावेशन और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित आगंतुकों एवं प्रतिभागियों का आभार प्रकट किया गया। बैठक का आयोजन एसएलबीसी, बैंक ऑफ बड़ौदा, अंचल कार्यालय, 13, एयरपोर्ट प्लाज़ा, दुर्गापुरा, जयपुर की ओर से 03.09.2026 को किया गया।

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