श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर का 14वां स्थापना दिवस गुरुवार को नशामुक्त भारत अभियान के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयास की जरूरत बताते हुए कहा कि नशा व्यक्ति को विवेक से अविवेक की ओर ले जाता है और जीवन को नाश की ओर ले जाता है। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सभी से मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया।

राज्यपाल जोबनेर स्थित श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस और नशामुक्त भारत अभियान के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस को युवा शक्ति के विकास पर केंद्रित करते हुए कृषि क्षेत्र में विश्वविद्यालय को अग्रणी बनाने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिन की बधाई देते हुए नशामुक्त समाज के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने पर जोर दिया। साथ ही पानी की बचत के लिए उसे सहेजने की आवश्यकता बताई।

श्री बागडे ने कहा कि नशा विवेक से अविवेक की ओर ले जाता है। यह व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि जीवन को नाश की ओर ले जाता है। इसलिए इससे बचने और सभी को बचाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।

राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने लोकभवन में नशामुक्त भारत को लेकर विशेष रूप से बैठक ली थी। इसमें तय किया गया कि नशामुक्त अभियान केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि समाज का अपना सामूहिक अभियान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में जाना हुआ है। इसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की समीक्षा के साथ प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक की वास्तविक स्थिति को जानना और समझना है, ताकि प्रदेश को इसमें अग्रणी किया जा सके।

उन्होंने कहा कि सभी मिलकर प्रयास करें कि प्राथमिक शिक्षा के आधार को मजबूत किया जाए। राज्यपाल ने कहा कि सभी का एक बड़ा लक्ष्य यह होना चाहिए कि नशामुक्ति और टीबी मुक्त कार्यक्रम में जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित हो।

श्री बागडे ने कहा कि देश में सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को विश्व के 37 देशों ने राष्ट्र का सर्वोत्तम पुरस्कार प्रदान किया है। उन्होंने इसे सभी के लिए गर्व की बात बताया। राज्यपाल ने सभी लोगों से देश और समाज के बारे में विचार करते हुए राष्ट्र का माहौल अच्छा रखने पर जोर दिया।

उन्होंने भारत की प्राच्य विधा की चर्चा करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति में हमारे प्राचीन गौरव से जुड़ी शिक्षा से नई पीढ़ी को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस दौरान उन्होंने लॉर्ड मैकाले द्वारा गुलामी से जुड़ी शिक्षा के प्रसार और तत्कालीन विषम परिस्थितियों की भी चर्चा की।

कार्यक्रम से पहले राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित कृषि मौसम पोर्टल का शुभारम्भ किया। उन्होंने नवनिर्मित विश्वविद्यालय सभागार का लोकार्पण किया तथा कृषि से सम्बद्ध पुस्तकों और स्मारिका का विमोचन भी किया। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के आलोक में प्रदर्शित उत्पादों का अवलोकन किया और विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. पी. एस. चौहान, पूर्व न्यायाधीश श्री करणी सिंह राठौड़ और डॉ. एन. के. गुप्ता ने भी विचार रखे। विश्वविद्यालय का 14वां स्थापना दिवस नशामुक्त भारत अभियान के संदेश के साथ मनाया गया, जिसमें नशामुक्ति, शिक्षा, कृषि विकास और सामाजिक भागीदारी को लेकर राज्यपाल ने सामूहिक प्रयास पर जोर दिया।

Next Story