सिरोही के आबूराज में विकास की नई इबारत: मुख्यमंत्री ने 74 करोड़ की सौगातों के साथ लौटाया गौरव
क्या माउण्ट आबू का नाम बदलकर आबूराज होने से बदल जाएगा इस पर्यटन नगरी का भविष्य? मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के 74 करोड़ के विकास कार्यों और आत्मसम्मान की इस नई मुहिम से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के लिए पढ़ें हमारी विशेष रिपोर्ट।

सिरोही के आबू में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व अन्य अतिथि विकास पुस्तिका का विमोचन करते हुए।
सिरोही के आबू में शनिवार का दिन ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना, जहाँ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आबूराज की धरा पर 74 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 41 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण कर क्षेत्र को विकास की एक नई गति प्रदान की। धन्यवाद सभा और संत समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार गुलामी के उन तमाम प्रतीकों को मिटाने के लिए संकल्पित है, जो राष्ट्र के आत्मसम्मान के मार्ग में बाधा बनते हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आबूराज की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने के अपने विजन को साझा किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने अत्यंत सकारात्मक रूप से ग्रहण किया।
कार्यक्रम का सबसे मुख्य आकर्षण माउण्ट आबू का नाम बदलकर 'आबूराज' किया जाना रहा, जिस पर वहां उपस्थित संत-महात्माओं, विभिन्न सेवा संस्थानों और आमजन ने मुख्यमंत्री के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। स्थानीय नागरिकों और संतों ने इसे अपनी अस्मिता की पुनर्स्थापना के रूप में देखा। इस गरिमामयी समारोह में पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटा राम देवासी, उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, सांसद मदन राठौड़, सांसद लुम्बाराम चौधरी, विधायक समाराम और महंत प्रतापपुरी सहित पूर्व सांसद गज सिंह की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया। बड़ी संख्या में एकत्रित हुए श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों ने इस विकास यात्रा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। मुख्यमंत्री द्वारा किए गए इन कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि क्षेत्र के पर्यटन और आर्थिक विकास के नए द्वार भी खोलेगा, जो आबूराज को नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।

