नई दिल्ली: मात्र 13 वर्ष की आयु में सिद्धि चौधरी ने ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसका सपना कई वरिष्ठ क्रिकेटर देखते हैं। उन्होंने बीसीसीआई वुमन्स अंडर 15 वन डे ट्रॉफी में दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते हुए टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट लिए। यह उपलब्धि उन्हें भारत की उभरती महिला क्रिकेट प्रतिभाओं में शामिल करती है।


बेहतरीन टीमों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन सिद्धि ने कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी शानदार गेंदबाज़ी की। पिच से ज्यादा मदद न मिलने के बावजूद उन्होंने अपनी सटीक लाइन-लेंथ, गेंद की उड़ान (फ्लाइट) और स्पिन के जरिए बल्लेबाज़ों को परेशान किया। दबाव में भी उनका शांत रहना उनकी खासियत रही।

हर क्षेत्र में योगदान

सिर्फ गेंदबाज़ी ही नहीं, बल्कि फील्डिंग में भी उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। पाँच मैचों में चार रन-आउट में उनकी अहम भूमिका रही। मणिपुर के खिलाफ मैच में उन्होंने ज़रूरी रन बनाकर टीम को संभाला भी।


स्टैंडबाय से मुख्य गेंदबाज़ तक का सफर

एक साल पहले वह टीम में स्टैंडबाय खिलाड़ी थीं, लेकिन इस सीज़न में वह दिल्ली की सबसे भरोसेमंद गेंदबाज़ बन गईं। यह उनकी मेहनत और अनुशासन का परिणाम है।


उज्ज्वल भविष्य 25 फरवरी 2012 को जन्मी सिद्धि अभी अपने करियर की शुरुआत में हैं। उनकी तकनीक, समझदारी और आत्मविश्वास को देखते हुए माना जा रहा है कि वह आगे चलकर ऊँचे स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर सकती हैं।

"13 वर्षीय ऑफ-स्पिन गेंदबाज़ सिद्धि चौधरी दिल्ली की सबसे अधिक विकेट लेने वाली खिलाड़ी बनकर उभरीं"

Pratahkal Newsroom

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