श्रीराम जनरल इंश्‍योरेंस कंपनी (एसजीआई) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए बीमा जगत में हलचल मचा दी है। जनवरी से मार्च 2026 की इस अवधि में कंपनी का ग्रोस डायरेक्‍ट प्रीमियम (जीडीपी) 21 फीसदी की छलांग लगाकर 1332 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है, जो कि बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1099 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। उल्लेखनीय है कि कंपनी की यह विकास दर समूचे बीमा उद्योग की मात्र 11 फीसदी की औसत ग्रोथ के मुकाबले लगभग दोगुनी है। इस शानदार वृद्धि का मुख्य श्रेय कंपनी के सशक्त मोटर इंश्‍योरेंस पोर्टफोलियो को जाता है। यदि पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों पर दृष्टि डालें, तो कंपनी का कुल ग्रोस डायरेक्‍ट प्रीमियम 4636 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले वर्ष के 3753 करोड़ रुपये से 24 फीसदी अधिक है। यह आंकड़ा उद्योग की 9 फीसदी की वृद्धि दर से करीब ढाई गुना ज्यादा है, जो श्रीराम जनरल इंश्‍योरेंस को देश की सबसे तेजी से बढ़ती निजी जनरल इंश्‍योरेंस कंपनी के रूप में स्थापित करता है।

वित्तीय सुदृढ़ता के मोर्चे पर कंपनी ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में निवेश आय पिछले वर्ष के 13 फीसदी के मुकाबले बढ़कर 22 फीसदी हो गई है। मुनाफे पर केंद्रित रणनीति के चलते कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 28 फीसदी की वृद्धि के साथ 167 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछली समान तिमाही में 130 करोड़ रुपये था। समूचे वित्त वर्ष का शुद्ध मुनाफा भी 17 फीसदी की बढ़त लेकर 601 करोड़ रुपये रहा, जो पूर्व में 515 करोड़ रुपये था। इस मुनाफे का लाभ निवेशकों तक पहुंचाते हुए बोर्ड ने 53 प्रतिशत अंतिम लाभांश को मंजूरी दी है, जिससे वर्ष का कुल लाभांश 162 प्रतिशत हो गया है, जो पिछले वर्ष के 140 प्रतिशत से काफी अधिक है। मार्च 2026 तक कंपनी का सोल्‍वेंसी रेश्‍यो 2.95 रिकॉर्ड किया गया है, जो नियामक द्वारा निर्धारित 1.50 की सीमा से काफी बेहतर और मजबूत बैलेंस शीट का परिचायक है।

कंपनी की इस सफलता की नींव उसके अभिनव 'फिजिटल' मॉडल और विस्तारित एजेंट नेटवर्क पर टिकी है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने 19,221 नए फाइनेंशियल एडवाइज़र जोड़कर अपने नेटवर्क में 18 प्रतिशत की वृद्धि की है, जिससे अब कुल सलाहकारों की संख्या 1,05,675 हो गई है। फिजिकल पहुंच को विस्तार देते हुए ब्रांच नेटवर्क को भी 279 से बढ़ाकर 289 किया गया है। ग्राहकों के अटूट भरोसे का प्रमाण यह है कि मार्च 2026 तक एक्टिव पॉलिसीज़ की संख्या 69 लाख तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष 65 लाख थी। भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए एमडी और सीईओ श्री अनिल अग्रवाल ने कहा कि अनुशासित अंडरराइटिंग और सशक्त दावा निपटान क्षमताओं के कारण कंपनी ने लगातार चौथे वर्ष उद्योग की औसत वृद्धि को पीछे छोड़ा है।

चौथी तिमाही में कंपनी ने 'श्री हेल्‍थ सुरक्षा 2.0' नामक एक नया क्षतिपूर्ति-आधारित स्वास्थ्य बीमा प्लान भी बाजार में उतारा है, जो रूम रेंट सीमा से मुक्ति, बीमित राशि की असीमित बहाली, ज़ीरो को-पेमेंट और आयुष उपचारों सहित एयर एम्बुलेंस जैसी व्यापक सुविधाएं प्रदान करता है। भविष्य के लक्ष्यों को लेकर एसजीआई अत्यंत महत्वाकांक्षी है; कंपनी की योजना वित्त वर्ष 2029–30 तक अपने नेटवर्क को 2 लाख सलाहकारों तक ले जाने की है। अगले वित्त वर्ष के लिए 6,000 करोड़ रुपये के जीडीपी का लक्ष्य रखा गया है, जिसे 2030 तक 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का संकल्प है। आगामी समय में कंपनी पैरामीट्रिक बीमा और श्योरिटी बॉन्ड बीमा जैसे नए क्षेत्रों में विविधता लाने की तैयारी कर रही है, जो भारतीय बीमा क्षेत्र में इसकी पैठ को और अधिक गहरा करेगा।

Pratahkal Bureau

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