आदर्श नगर स्थित श्री राम मंदिर प्रन्यास एवं श्री सनातन धर्म सभा के तत्वावधान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान सोमवार को कथा पंडाल भक्ति और उल्लास से गूंज उठा। कथा व्यास आचार्य जैनेन्द्र कटारा ने वामन अवतार, भगवान श्रीराम जन्म और भगवान श्रीकृष्ण जन्म के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। भजनों और जयकारों के बीच श्रद्धालु देर तक भक्ति में डूबे रहे।

आचार्य जैनेन्द्र कटारा ने वामन अवतार का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान जब भी अवतार लेते हैं, उनका उद्देश्य केवल अधर्म का नाश करना ही नहीं, बल्कि मनुष्य को जीवन का सही मार्ग दिखाना भी होता है। राजा बलि के प्रसंग से सीख मिलती है कि धन, सामर्थ्य और प्रतिष्ठा प्राप्त होने के बाद भी मनुष्य को अहंकार से बचना चाहिए। भगवान के समक्ष विनम्रता और समर्पण ही सच्ची भक्ति है।

उन्होंने कहा कि मनुष्य आज सुख-सुविधाओं के साधन तो लगातार बढ़ा रहा है, लेकिन मन की शांति उससे दूर होती जा रही है। यदि जीवन में प्रतिदिन कुछ समय प्रभु स्मरण, सत्संग और सेवा के लिए निकाला जाए तो मन को शांति और जीवन को सकारात्मक दिशा मिल सकती है।

श्रीराम जन्मोत्सव का प्रसंग आते ही श्रद्धालुओं में उल्लास छा गया। भगवान श्रीराम के जन्म का गुणगान होते ही पूरा कथा पंडाल ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर राम लला का स्वागत किया।

आचार्य कटारा ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग, कर्तव्य और माता-पिता के प्रति सम्मान का आदर्श है। आज के समय में यदि परिवारों में श्रीराम के संस्कारों को अपनाया जाए तो परिवारों में प्रेम, सद्भाव और संस्कारों की मजबूत नींव रखी जा सकती है।

इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग शुरू होते ही कथा पंडाल उत्सव में बदल गया। नन्द बाबा के घर श्रीकृष्ण के जन्म का मनोहारी वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। चारों ओर ‘नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंजने लगे।

महिलाओं ने मंगल गीत गाकर वातावरण को और भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं की ओर से खिलौने, फल और मेवों की उछाल की गई तथा माखन-मिश्री एवं प्रसाद का वितरण किया गया।

आचार्य जैनेन्द्र कटारा ने श्रीकृष्ण जन्म का आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी मुस्कुराते हुए धर्म और सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। श्रीकृष्ण ने प्रेम, मित्रता, कर्म और कर्तव्य का जो संदेश दिया, वह आज भी मानव जीवन के लिए उतना ही प्रासंगिक है।

इस अवसर पर श्री राम मंदिर प्रन्यास एवं श्री सनातन धर्म सभा के पदाधिकारियों हरचरण लेकर, राजीव मनचंदा, रवि सचदेवा, जितेंद्र चड्डा सहित कार्यकर्ताओं ने भगवान की आरती की।

अध्यक्ष हरचरण लेकर ने बताया कि मंगलवार को नन्दोत्सव, गोवर्धन लीला, छप्पन भोग, महारास और रुक्मणी विवाह की कथाओं का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा।

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