शैल्बी हॉस्पिटल जयपुर ने 10 सफल किडनी ट्रांसप्लांट कर बनाया कीर्तिमान
राजस्थान में विश्वस्तरीय रीनल केयर सुविधाओं के विस्तार के साथ अस्पताल ने अब तक 10 रोगियों का सफल किडनी प्रत्यारोपण कर चिकित्सा क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है।

जयपुर के शैल्बी हॉस्पिटल में 10 सफल किडनी ट्रांसप्लांट पूरे होने पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित वरिष्ठ किडनी रोग विशेषज्ञ, सर्जन और अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी।
जयपुर, 12 मार्च 2026। शैल्बी हॉस्पिटल, जयपुर में एक और चिकित्सकीय उपलब्धि दर्ज करते हुए एक सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है। इस उपलब्धि के अवसर पर अस्पताल परिसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों ने न केवल इस ट्रांसप्लांट प्रक्रिया की सफलता पर प्रकाश डाला, बल्कि अस्पताल की Comprensive Department of Renal Sciences की आधुनिकतम सुविधाओं और विशेषज्ञता के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। आपको बता दें कि राजस्थान में किडनी ट्रांसप्लांट हेतु शैल्बी जयपुर मुख्य चिकित्सा केन्द्र के रूप में स्थापित हो रहा है। अब तक 10 सफल किडनी ट्रांसप्लांट का कीर्तिमान शैल्बी हॉस्पिटल जयपुर कर चुका है।
चिकित्सा विशेषज्ञों की उपस्थिति और सामूहिक सफलता
इस विशेष अवसर पर प्रेस को संबोधित करते हुए सभी 10 मरीज और उनके परिवार वाले जिनका सफल किडनी ट्रांसप्लांट हुआ वो और शैल्बी हॉस्पिटल, जयपुर रीनल साइंसेस विशेषज्ञों की टीम और शैल्बी जयपुर के प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस टीम में वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट एवं किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. संजय बिनवाल, यूरोलॉजिस्ट एवं किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. सुभाष कटारिया, नेफ्रोलॉजिस्ट एवं किडनी ट्रांसप्लांट फिज़ीशियन डॉ. कविश शर्मा, सीएओ श्री अंकित पारीक और डिप्टी सीएओ श्री विशाल शर्मा सम्मिलित थे।
जटिल सर्जरी और आधुनिक तकनीक का समन्वय
प्रेस वार्ता के दौरान वरिष्ठ सर्जन डॉ. संजय बिनवाल ने बताया कि "किडनी ट्रांसप्लांट एक अत्यंत जटिल सर्जरी होती है लेकिन इसे शैल्बी जयपुर में सफलतापूर्वक संपन्न किया जा रहा है, हमारी अनुभवी मेडिकल टीम ने अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से इसे अंजाम दिया। रोगी अब पूर्णतः स्वस्थ हैं और रिकवरी की ओर अग्रसर हैं।" इसी क्रम में डॉ. सुभाष कटारिया ने जानकारी साझा की कि "शैल्बी हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट की संपूर्ण प्रक्रिया जैसे रोगी की जांच, डोनर का मूल्यांकन, सर्जरी, पोस्ट-ऑपरेटिव केयर आदि सभी एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं, जो इसे एक संपूर्ण रीनल केयर सेंटर बनाता है।"
रीनल साइंसेस विभाग की व्यापक सेवाएं
नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. कविश शर्मा ने विभाग की क्षमताओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि "शैल्बी हॉस्पिटल, जयपुर की Comprensive Department of Renal Sciences में किडनी संबंधित सभी प्रकार की बीमारियों जैसे क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़, डायलिसिस, एक्यूट किडनी फेल्योर, हाइपरटेंशन से जुड़ी जटिलताएं आदि का सम्पूर्ण और आधुनिक इलाज उपलब्ध है। यह विभाग सभी ज़रूरी विशेषज्ञताओं जैसे नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, ट्रांसप्लांट सर्जरी, क्लिनिकल फार्माकोलॉजी, डाइट और रिहैबिलिटेशन के समन्वय से रोगियों को बहु-आयामी इलाज प्रदान करता है। शैल्बी हॉस्पिटल की ट्रांसप्लांट यूनिट की मेडिकल टीम नेशनल ट्रांसप्लांट गाइडलाइन्स का पूर्ण पालन करते हुए सेवाएं प्रदान करती है।"
मानवीय दृष्टिकोण और चिकित्सा उत्कृष्टता का लक्ष्य
अस्पताल के सीएओ श्री अंकित पारीक ने प्रबंधन के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि "शैल्बी का उद्देश्य न केवल जटिल बीमारियों का सफल उपचार करना है, बल्कि रोगियों को बेहतर जीवन प्रदान करना भी है। क्वालिटी हेल्थकेयर विद ह्यूमन टच की सोच के साथ शैल्बी हॉस्पिटल यह सुनिश्चित करता है कि हर रोगी को वैज्ञानिक, नैतिक और संवेदनशील इलाज मिले।" अंत में डिप्टी सीएओ श्री विशाल शर्मा ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि "हम इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से यह संदेश देना चाहते हैं कि अब राजस्थान और इसके आस-पास के क्षेत्रों के मरीजों को किडनी ट्रांसप्लांट या रीनल से जुड़ी जटिल चिकित्सा सेवाओं के लिए देश के बड़े शहरों की ओर देखने की आवश्यकता नहीं है, जयपुर में ही अब विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध है।

Pratahkal Bureau
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