जल संकट के खिलाफ एक निर्णायक जंग का आगाज़ करते हुए शाहपुरा की धरा पर आज जन-चेतना का नया अध्याय लिखा गया। जल संसाधन उपखण्ड, शाहपुरा के तत्वावधान में आज से ऐतिहासिक 10 दिवसीय "वंदे गंगा: जल संरक्षण - जन अभियान" का भव्य और शंखनादपूर्ण शुभारंभ हुआ। इस अत्यंत महत्वपूर्ण एवं गरिमामयी कार्यक्रम में शाहपुरा-बनेरा विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर अभियान की कमान संभाली।

समारोह में उपस्थित विशाल जनसमूह को बेहद ओजस्वी स्वर में संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने पानी की एक-एक बूंद के मोल को रेखांकित किया। उन्होंने गंभीर चेतावनी भरे लहजे में कहा, "जल ही जीवन का वास्तविक आधार है। यदि हमने आज इस विकट समय में पानी की महत्ता को गहराई से नहीं समझा और अपने पारंपरिक जल स्रोतों को सहेजने का पुरजोर प्रयास नहीं किया, तो हमारी आने वाली पीढ़ियों को विनाशकारी और भारी जल संकट का सामना करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।" विधायक महोदय ने क्षेत्रवासियों से अत्यंत भावुक और दृढ़ अपील करते हुए कहा कि वे वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) की तकनीक को अनिवार्य रूप से अपने जीवन और मकानों में अपनाएं तथा पानी की बर्बादी को पूरी तरह से रोकें। इसके साथ ही विधायक महोदय ने केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न जल कल्याणकारी योजनाओं का विशेष रूप से जिक्र किया और इस अभियान को सरकारी फाइलों से निकालकर एक व्यापक धरातलीय जन-आंदोलन बनाने का पुरजोर आह्वान किया।

इस महा-अभियान के आगाज़ की सबसे अभूतपूर्व और ऐतिहासिक विशेषता कार्यक्रम में मातृशक्ति की गगनभेदी व विशाल मौजूदगी रही। विधायक डॉ. लालाराम बैरवा की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में शाहपुरा क्षेत्र की महिलाओं ने ऐसा अभूतपूर्व उत्साह दिखाया जिसने पूरे माहौल को ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम स्थल पर सैकड़ों की भारी संख्या में पहुँची इस जागरूक मातृशक्ति को विशेष रूप से संबोधित करते हुए विधायक महोदय ने उनके योगदान को नमन किया। उन्होंने गर्व से कहा कि घर से लेकर समाज तक में जल प्रबंधन की वास्तविक कमान हमेशा से मातृशक्ति के कुशल हाथों में रही है, और आज इस अभियान में उनका यह ऐतिहासिक व भारी समर्थन ही इस पूरे जल संरक्षण अभियान की शत-प्रतिशत सफलता की सबसे बड़ी गारंटी है।

कार्यक्रम के चरम बिंदु पर विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने समारोह में उपस्थित सभी नागरिकों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर जल संरक्षण और जल संवर्धन की अत्यंत गंभीर सामूहिक शपथ दिलाई। संपूर्ण शाहपुरा क्षेत्र को जल-आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ शुरू हुआ यह विशेष अभियान आगामी 05 जून 2026 (विश्व पर्यावरण दिवस) तक पूरे क्षेत्र में विभिन्न व्यापक जागरूकता गतिविधियों, रैलियों और कार्यक्रमों के साथ निरंतर चलाया जाएगा, जो आने वाले दिनों में क्षेत्र की जल-तस्वीर बदलने में मील का पत्थर साबित होगा।

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