जयपुर। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में गुलाबी नगरी जयपुर से उठी एकता की गूंज ने पूरे राजस्थान को सुरक्षा और सौहार्द के सूत्र में पिरो दिया है। राजस्थान पुलिस द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय ऑनलाइन जनसंवाद ने न केवल खाकी और अवाम के बीच की दूरी को पाटने का काम किया, बल्कि यह स्पष्ट कर दिया कि आधुनिक भारत की आंतरिक सुरक्षा में जन-भागीदारी ही सबसे सशक्त हथियार है। "राष्ट्रीय एकता एवं पुलिस कार्यों में जनसहयोग" विषय पर केंद्रित इस वृहद आयोजन ने प्रदेश के कोने-कोने से आए पुलिस मित्रों, सीएलजी सदस्यों, सुरक्षा सखियों और ग्राम रक्षकों को एक साझा मंच पर लाकर खड़ा कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए राजस्थान के पुलिस महानिदेशक श्री राजीव शर्मा ने एक प्रेरणादायी विमर्श की नींव रखी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरदार पटेल ने जिस अखंड भारत और सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था का स्वप्न देखा था, उसकी आत्मा आज भी पुलिस और जनता के आपसी विश्वास में बसती है। महानिदेशक ने गर्व के साथ साझा किया कि वर्तमान में राजस्थान के 2,44,899 कम्युनिटी पुलिसिंग घटक अपराध मुक्त समाज के निर्माण में रीढ़ की हड्डी बनकर उभरे हैं।

कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा के सूक्ष्म पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कानून-व्यवस्था) श्री वी.के. सिंह ने कहा कि बड़े मेलों, त्योहारों और जुलूसों के दौरान जब आम नागरिक पुलिस के साथ समन्वय करता है, तभी एक अनुशासित वातावरण का निर्माण संभव होता है। इसी कड़ी में यातायात प्रबंधन की चुनौतियों पर बोलते हुए अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (यातायात) श्री बी.एल. मीणा ने सड़क सुरक्षा को एक सामाजिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने जोर दिया कि यातायात नियमों के पालन और जागरूकता अभियानों में जनसहयोग से ही अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सकता है।

संवाद की गहराई तब और बढ़ी जब महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय का विषय पटल पर आया। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (सिविल राइट्स व कम्युनिटी पुलिसिंग) श्रीमती लता मनोज कुमार ने ग्राम सभाओं और सामुदायिक मंचों के माध्यम से नशा मुक्ति और बाल संरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर प्रभावी कार्य करने का आह्वान किया। उनके स्वर में स्वर मिलाते हुए आईजी (कार्मिक) श्रीमती एस. परिमाला ने रेखांकित किया कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को जड़ से मिटाने के लिए समाज की सक्रियता अनिवार्य है।

तकनीकी युग की चुनौतियों को संबोधित करते हुए आईजी (एससीआरबी) श्री अजय पाल लांबा और डीआईजी (साइबर क्राइम) श्री विकास शर्मा ने डिजिटल सुरक्षा का रोडमैप पेश किया। उन्होंने 'राजकोप सिटीजन एप' की महत्ता बताते हुए साइबर ठगी से बचने के व्यावहारिक तरीके साझा किए। पूरे सत्र के दौरान एएसपी सुनीता मीना ने अपनी ओजस्वी संवाद शैली से प्रदेशभर के युवा समूहों और महिला संगठनों को जोड़कर रखा, जिससे चर्चा का प्रवाह निरंतर बना रहा।

लगभग ढाई लाख वॉलंटियर्स की यह सक्रिय भागीदारी आज राजस्थान को एक अभेद्य किले के रूप में स्थापित कर रही है। कार्यक्रम के समापन पर जब हजारों प्रतिभागियों ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की, तो वह केवल एक औपचारिक श्रद्धासुमन नहीं था, बल्कि वह एक विकसित और सुरक्षित राजस्थान के निर्माण का सामूहिक संकल्प था। यह जनसंवाद इस बात का जीवंत प्रमाण बना कि जब पुलिस की शक्ति और जनता का विश्वास साथ मिलते हैं, तो राष्ट्रीय एकता का मार्ग प्रशस्त होता है।

Pratahkal Bureau

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