रूपनगढ़। राजस्थान सरकार के जल संसाधन मंत्री एवं पुष्कर विधायक श्री सुरेश सिंह रावत ने 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के अंतर्गत रूपनगढ़ क्षेत्र स्थित सिंगला बांध का गहन निरीक्षण कर जल संरक्षण एवं सिंचाई व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से पूजन कर जल की महत्ता को रेखांकित किया। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बांध एवं नहरों के पुनर्वास कार्यों को निर्धारित समयावधि में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए।

मंत्री श्री रावत ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गांव-गांव तक जल पहुंचाने और सिंचाई तंत्र को सुदृढ़ करने हेतु कृतसंकल्पित है। उन्होंने जल को भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए इसके संरक्षण के लिए जनभागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया। अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि आमजन और किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद कर अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान भी किया।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, सिंगला बांध की पूर्ण भराव क्षमता 5.95 एमसीयूएम है, जो क्षेत्र के अनेक गांवों के लिए सिंचाई का मुख्य आधार है। बांध एवं दोनों नहरों के पुनर्वास हेतु ₹148 लाख की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। इस परियोजना में नहरों की सफाई, सिल्ट निकासी, लाइनिंग कार्य, पुलियों की मरम्मत, नई पुलियों का निर्माण एवं फार्म पॉन्ड जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्य शामिल हैं।

मंत्री श्री रावत ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बजट 2026 में क्षेत्र के लिए सिंचाई विकास के कई बड़े प्रावधान किए हैं। इसके तहत ₹100 करोड़ की लागत से आनासागर के अधिशेष जल एवं एसटीपी जल के अपवर्तन द्वारा फूलसागर कायड़ से रूपनगढ़ तक बाढ़ सुरक्षा, ड्रेनेज व्यवस्था एवं 1200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, ₹60 करोड़ की लागत से पालरा, छावड़ी, निटूटी, पनेर एवं रूपनगढ़ की विभिन्न जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया जाएगा। साथ ही, ₹12.50 करोड़ की लागत से ब्राह्मणों का एनीकट एवं अन्य तालाबों का कायाकल्प प्रस्तावित है। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से क्षेत्र के भूजल स्तर में सुधार होगा और किसानों को सुलभ सिंचाई सुविधाएं प्राप्त होंगी। इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित थे।

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