देश के कोने-कोने से लकवे के उपचार के लिए राजस्थान के नागौर स्थित प्रसिद्ध आस्था केंद्र बुटाटी धाम आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे ने राहत की बड़ी राह खोली है। संत श्री चतुरदास जी महाराज को समर्पित इस पावन धाम के सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन 'रेन' को अब आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त बनाया जा रहा है। बुटाटी धाम, जो अपनी अटूट मान्यता के लिए विख्यात है, वहाँ रोगी सात दिनों तक प्रवास कर प्रतिदिन आरती में सम्मिलित होते हैं और प्रभावित अंगों पर सरसों के तेल में मिश्रित पवित्र राख (भभूत) का लेप करते हैं। श्रद्धालुओं की इसी भारी आवाजाही को देखते हुए रेल मंत्रालय ने बुनियादी ढांचों में आमूलचूल परिवर्तन का निर्णय लिया है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन ने इस पुनर्विकास परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत रेन रेलवे स्टेशन को लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत स्टेशन भवन का पूर्ण नवीनीकरण कर उसे एक भव्य और आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा, जिसमें एक आकर्षक पोर्च का निर्माण भी शामिल है। यात्रियों की सुगमता हेतु सर्कुलेटिंग क्षेत्र में विस्तार करते हुए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार सुनिश्चित किए गए हैं, साथ ही दोपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए पृथक पार्किंग की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 12 मीटर चौड़ा एक नया ऊपरी पैदल पुल (एफओबी) बनाया जा रहा है, जिसमें सुरक्षा के लिए कवरिंग शेड और आसान आवाजाही हेतु रैंप का प्रावधान है।

स्टेशन के आंतरिक ढांचे में सुधार करते हुए मौजूदा प्लेटफॉर्मों की सतह का नवीनीकरण और शेल्टरों का विस्तार किया जा रहा है। यात्रियों के विश्राम के लिए नए प्रतीक्षा कक्षों का निर्माण किया गया है और पुराने शौचालय ब्लॉकों को आधुनिक फिटिंग के साथ नया स्वरूप दिया गया है। विशेष रूप से दिव्यांगजनों की जरूरतों का ध्यान रखते हुए यहाँ हेल्प बूथ, विशिष्ट शौचालय, वाटर बूथ, रैंप, टिकट विंडो, साइनेज और कुर्सियों जैसे विशेष प्रावधान किए गए हैं। वर्तमान में इस पुनर्विकास कार्य का 80 प्रतिशत हिस्सा पूर्ण हो चुका है, जिसमें पोर्च निर्माण, फर्श का कार्य, प्लेटफॉर्म शेड के नीचे का फर्श और आवागमन क्षेत्र में सीसी सड़क जैसे महत्वपूर्ण घटक शामिल हैं। शेष कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर तेजी से निष्पादित किया जा रहा है। रेन रेलवे स्टेशन का यह आधुनिक परिवहन केंद्र न केवल बुटाटी धाम के यात्रियों के सफर को सुगम बनाएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक अवसरों में वृद्धि कर सामाजिक विकास के नए आयाम भी स्थापित करेगा।

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