जयपुर। रेल दुर्घटनाओं और अप्रिय घटनाओं के पीड़ितों को त्वरित न्याय प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रेल दावा अधिकरण (RCT) जयपुर पीठ द्वारा इस वर्ष की दूसरी लोक अदालत का गरिमामयी आयोजन किया गया। दिनांक 17 मार्च 2026 को आयोजित इस विशेष लोक अदालत में न्यायिक प्रक्रियाओं को गति देते हुए वर्षों से लंबित पड़े मामलों का आपसी सहमति और विधिक प्रावधानों के अंतर्गत मौके पर ही निस्तारण किया गया, जो पीड़ित परिवारों के लिए एक संबल बनकर उभरा है।

इस महत्वपूर्ण लोक अदालत में माननीय सदस्य (न्यायिक) श्री राजीव जैन एवं माननीय सदस्य (तकनीकी) श्री जीएस हीरा के दिशा-निर्देशों तथा उनके द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में प्रशासनिक स्तर पर त्वरित कार्रवाइयां सुनिश्चित की गईं। अपर रजिस्ट्रार श्री शक्ति बाली, सहायक रजिस्ट्रार सुश्री वीणा सानी एवं अधिकरण के समर्पित स्टाफ की सक्रिय सहभागिता से कुल 9 जटिल दावा प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इस पूरी विधिक प्रक्रिया के दौरान न्याय प्रणाली की गति को और तेज करने के उद्देश्य से अपीलार्थी अधिवक्ताओं श्री राजेश पंडा, श्री मनमोहन गुप्ता, श्री चंद्रशेखर गोयल, श्री रविंद्र मोहन गोयल, श्री मांगीलाल चौधरी, श्री विकास चौहान तथा श्री अमन अग्रवाल ने विभिन्न प्रकरणों में अपनी त्वरित सहमति प्रदान कर सकारात्मक भूमिका निभाई।

समानांतर रूप से रेलवे प्रशासन का पक्ष रखते हुए रेलवे की तरफ से प्रस्तुतकर्ता अधिकारी श्री महेश चंद जेवलिया, मुख्य विधि सहायकों तथा प्रतिष्ठित रेलवे अधिवक्ताओं श्री टीकम चंद शर्मा, श्री खेमचंद शर्मा, श्री अरविंद कुमार पारीक, श्री जंग बहादुर खान एवं श्री मोहनलाल रोलानिया द्वारा सभी संबंधित प्रकरणों को विधिवत एवं प्रभावी ढंग से अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया गया। दोनों पक्षों के सौहार्दपूर्ण और विधिक प्रयासों के फलस्वरूप कुल निस्तारित 9 प्रकरणों में से 04 प्रकरण गंभीर रूप से घायल यात्रियों के थे, जबकि 05 प्रकरण दुर्भाग्यवश अपनी जान गंवाने वाले मृतक यात्रियों से संबंधित थे।

अधिकरण ने संवेदनशीलता और विधिक मापदंडों का संतुलन बनाते हुए घायल यात्रियों के 04 प्रकरणों में कुल ₹19,90,000/- (उन्नीस लाख नब्बे हजार रुपये) तथा मृतक यात्रियों के 05 प्रकरणों में कुल ₹40,00,000/- (चालीस लाख रुपये) की अनुग्रह राशि व क्षतिपूर्ति स्वीकृत करने के ऐतिहासिक आदेश पास किए। लोक अदालत के इस त्वरित मंच के माध्यम से कुल 9 प्रकरणों में सर्वसम्मति से ₹59,90,000/- (उनसठ लाख नब्बे हजार रुपये) की कुल क्षतिपूर्ति राशि के आदेश प्रदान किए गए, जो न केवल पीड़ित रेल यात्रियों और उनके आश्रितों को समय पर आर्थिक राहत सुनिश्चित करता है, बल्कि देश की विधिक व रेल न्याय प्रणाली के प्रति आम जनता के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ बनाता है।

Pratahkal Newsroom

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