जयपुर। भारतीय रिज़र्व बैंक की 'स्वच्छ नोट नीति' को धरातल पर उतारने और आम जनता तक नए नोटों की निर्बाध पहुँच सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ आरबीआई जयपुर ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कोटक महिंद्रा बैंक करेंसी चेस्ट के सक्रिय सहयोग से 18 अप्रैल, 2026 को संपूर्ण राजस्थान में छोटे मूल्यवर्ग के नए नोटों और सिक्कों के वितरण एवं विनिमय मेले का भव्य व सफल आयोजन किया गया। इस विशेष पहल का प्राथमिक उद्देश्य न केवल आम नागरिकों तक नए और साफ-सुथरे छोटे मूल्यवर्ग के नोटों की उपलब्धता को सुगम बनाना था, बल्कि बाजार में चलन में मौजूद फटे-पुराने और अनुपयोगी नोटों को एक व्यवस्थित प्रक्रिया के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली में वापस लाकर चलन से बाहर करना भी था।

इस वृहद आयोजन के माध्यम से आमजन को ₹10, ₹20, ₹50 और ₹100 के नए नोटों के साथ-साथ विभिन्न मूल्यवर्ग के सिक्कों की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई। वर्तमान में विवाह समारोहों, सामाजिक मांगलिक आयोजनों और दैनिक व्यावसायिक लेन-देन के लिए छोटे नोटों की निरंतर बढ़ती मांग को प्राथमिकता देते हुए यह विशेष विनिमय सुविधा प्रदान की गई। मेले की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका लाभ विशेष रूप से उन कम सुविधा वाले और दूरस्थ क्षेत्रों के निवासियों तक भी पहुँचाया गया, जिन्हें सामान्यतः बैंकिंग सेवाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है, ताकि वे भी बिना किसी अवरोध के स्वच्छ मुद्रा प्राप्त कर सकें।

इस कार्यक्रम की सफलता में राजस्थान के समस्त निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयास ने उत्प्रेरक का कार्य किया। स्वच्छ मुद्रा के प्रचलन को बढ़ावा देने की दिशा में यह आयोजन एक मील का पत्थर साबित हुआ है, जिसने न केवल वित्तीय सेवाओं को आमजन के द्वार तक पहुँचाया बल्कि बैंकिंग प्रणाली के प्रति जनता के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करते हुए स्वच्छ अर्थव्यवस्था के मार्ग को प्रशस्त किया है।

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