प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के बीते 12 वर्षों का कार्यकाल विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं के एक स्वर्णिम युग के रूप में दर्ज हो रहा है। जयपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने केंद्र सरकार की योजनाओं के व्यापक प्रभाव और देश की बदलती तस्वीर पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को सिद्ध करने के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है और इस दिशा में उठाए गए हर कदम का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उत्थान है।

श्री अठावले ने सरकारी निर्णयों की श्रृंखला में जातिगत जनगणना के फैसले को एक दूरगामी कदम बताया, जिससे देश के सभी वर्गों और परिवारों की वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति का सटीक आकलन संभव हो सकेगा। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से केंद्र की प्रमुख योजनाओं की सफलता का खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत देशभर में 58 करोड़ 30 लाख से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं, जिनमें राजस्थान की भागीदारी 3 करोड़ 84 लाख से अधिक खातों की रही है। इसी तरह, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से देशभर के 58 करोड़ 31 लाख से अधिक लाभार्थियों को 3968559.19 करोड़ रुपये का ऋण वितरित कर स्वरोजगार को नई गति दी गई है। राजस्थान के संदर्भ में बात करें तो वित्तीय वर्ष 2015 से 2026 के बीच राज्य के 2 करोड़ 51 लाख 93 हज़ार लाभार्थियों को 209404.26 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

जनकल्याण की योजनाओं का विस्तार करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और आवास योजनाओं की प्रगति पर बल दिया। मंत्री ने जानकारी दी कि देशभर में उज्ज्वला योजना के तहत 10 करोड़ 43 लाख कनेक्शन आवंटित हुए हैं, जिसमें राजस्थान का हिस्सा 74 लाख 32 हज़ार कनेक्शन रहा है। वहीं, आवास योजना के मोर्चे पर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत देशभर में 2 करोड़ 79 लाख से अधिक पक्के मकानों का निर्माण हुआ है। शहरी क्षेत्र में भी पिछले एक दशक के भीतर देशभर में 96 लाख 71 हज़ार से अधिक मकान बनाए गए हैं, जिसमें राजस्थान में 2 लाख 74 हज़ार से अधिक परिवारों को आवास का लाभ मिला है।

स्वास्थ्य और ऊर्जा संरक्षण के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को रेखांकित करते हुए श्री अठावले ने बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) का लाभ देशभर में 12 करोड़ 17 लाख से अधिक नागरिक ले चुके हैं, जबकि राजस्थान में 2018 से 2026 तक 95 लाख से अधिक लोग इस कवच का हिस्सा बने हैं। इसके अतिरिक्त, उजाला योजना के तहत देशभर में 36 करोड़ और राजस्थान में 1 करोड़ 73 लाख एलईडी बल्ब वितरित कर ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा के एक अन्य महत्वपूर्ण आयाम के रूप में, नशा मुक्ति केंद्रों की स्थापना के लिए वर्ष 2021 से मार्च 2026 तक 769 केंद्रों हेतु 580 करोड़ से अधिक की राशि आवंटित की गई है, जिसमें राजस्थान के 35 केंद्रों के लिए 39 करोड़ 72 लाख से अधिक की राशि जारी की गई है।

यह आंकड़े न केवल केंद्र सरकार की कार्यशैली की गति को दर्शाते हैं, बल्कि आमजन के जीवन स्तर में आए व्यापक बदलाव का प्रमाण भी हैं। श्री अठावले का यह वक्तव्य स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार की योजनाएं किस प्रकार एक मजबूत, समावेशी और विकसित राष्ट्र के निर्माण का आधार तैयार कर रही हैं, जो आने वाले दशकों में भारत के वैश्विक भविष्य को नई ऊंचाई प्रदान करेंगी।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story