राखी राठौड़ का अलका लांबा पर पलटवार, नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर घेरा
भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष ने कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाते हुए परिसीमन और जनगणना की प्रक्रिया को स्पष्ट किया और राजस्थान में महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया।

भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन बिल पर महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा द्वारा दिए गए बयानों पर कड़ा पलटवार किया है। राठौड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अलका लांबा को जानकारी का अभाव है और उन्हें तथ्यों को गंभीरता से पढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने लांबा के आरोपों को निराधार और हताशा से प्रेरित बताते हुए कहा कि यदि वे थोड़ा अध्ययन करके आतीं, तो शायद कुछ बेहतर बोल पातीं। राखी राठौड़ ने हुंकार भरते हुए कहा कि महिलाओं को केवल वोटबैंक समझने वाली कांग्रेस को अब नारीशक्ति 'वोट की चोट' से करारा जवाब देगी।
राखी राठौड़ ने कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस जानबूझकर महिलाओं के बीच भ्रम फैलाने का कुत्सित प्रयास कर रही है, क्योंकि पार्टी का महिला वर्ग में जनाधार निरंतर गिर रहा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों में महिलाओं की नगण्य उपस्थिति इसकी गवाह है; गैस सिलेंडर की कीमतों के विरोध में मात्र 20 से 30 महिलाएं और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रदर्शन में 70 से अधिक महिलाएं नहीं जुटीं। राठौड़ ने दावा किया कि भाजपा की 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' को मिले व्यापक जनसमर्थन से कांग्रेस पूरी तरह बौखला गई है।
डीलिमिटेशन (परिसीमन) के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष ने सवाल किया कि यदि कांग्रेस को इस प्रक्रिया से आपत्ति थी, तो 2023 में बिल पारित होने के समय विरोध क्यों नहीं किया गया? उन्होंने याद दिलाया कि 2023 के बिल में स्पष्ट रूप से पहले जनगणना, फिर परिसीमन और तत्पश्चात आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया निर्धारित की गई थी। राठौड़ ने कांग्रेस की नीयत पर प्रहार करते हुए कहा कि वर्ष 2010 में राज्यसभा से बिल पारित होने के बावजूद कांग्रेस ने इसे लोकसभा में पेश करने की हिम्मत नहीं दिखाई, जबकि उस समय भाजपा समर्थन देने को तैयार थी। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में दिए वक्तव्य को दोहराते हुए कहा कि 2026 के बाद जनगणना और परिसीमन पूर्ण होते ही आरक्षण का नोटिफिकेशन जारी होगा और प्रधानमंत्री का वादा निश्चित रूप से पूरा होगा।
महिला सुरक्षा के विषय पर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए राखी राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को इस मुद्दे पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान राजस्थान महिला अपराध और दुष्कर्म के मामलों में देश में प्रथम स्थान पर था और तत्कालीन मंत्री विधानसभा में राजस्थान को 'मर्दों का प्रदेश' बताकर महिलाओं का उपहास उड़ा रहे थे। राठौड़ ने वर्तमान परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भजनलाल सरकार की प्राथमिकता के कारण महिलाएं सुरक्षित महसूस कर रही हैं और अपराधों में निरंतर गिरावट आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार में किसी भी अपराधी को संरक्षण नहीं दिया जाता और कानून सम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।

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