पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें धरातल की सच्चाई से कटा हुआ बताया है। राठौड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गहलोत "हकीकत शास्त्र" से कोसों दूर हैं और अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए केवल "इंतजार शास्त्र" के माध्यम से प्रदेश की जनता को भ्रमित करने का निष्फल प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कटाक्ष किया कि जिनके शासनकाल में सिस्टम को लूटा गया, व्यवस्थाओं का दम घोंटा गया और कोरोना जैसी वैश्विक आपदा में भी भ्रष्टाचार के अवसर तलाशे गए, उनका आज स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाना न केवल हास्यास्पद है बल्कि आश्चर्यजनक भी है।

राठौड़ ने गहलोत के "पुत्र मोह" पर प्रहार करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने पुत्र वैभव गहलोत को राजनीतिक रूप से स्थापित करने के लिए कई योग्य नेताओं के हक पर कुठाराघात किया। वैभव गहलोत को जोधपुर और जालौर से चुनावी मैदान में उतारा गया, लेकिन प्रदेश की जनता ने उन्हें सिरे से नकार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरसीए चुनाव के दौरान भी वैभव को अध्यक्ष बनाने के लिए वरिष्ठ नेता रामेश्वर डूडी का अपमान किया गया, और विडंबना यह है कि आज वही गहलोत अन्य मंत्रियों को पुत्र मोह से दूर रहने की नसीहत दे रहे हैं। कोरोना काल की चर्चा करते हुए राठौड़ ने स्मरण कराया कि उस संकट के समय भाजपा ने रचनात्मक सहयोग किया, जबकि कांग्रेस सरकार ने जीवन रक्षक दवाओं, उपकरणों और रेमडेसिविर इंजेक्शन की खरीद में भारी भ्रष्टाचार किया। गहलोत के कार्यकाल के आंकड़ों को प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि 5 वर्ष में की गई 4148 घोषणाओं में से 2208 आज भी अधूरी हैं।

आईपीडी टावर के विवाद पर स्थिति स्पष्ट करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने बिना किसी ठोस कार्ययोजना, पार्किंग व्यवस्था या विशेषज्ञ सलाह के इस बड़े प्रोजेक्ट को शुरू किया था। वर्तमान भजनलाल सरकार उन खामियों को सुधार कर निर्माण कार्य को गति दे रही है। लागत वृद्धि के आरोपों को निराधार बताते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व में जहां केवल 12 मंजिल तक ढांचा खड़ा था, वहीं अब 23 मंजिल तक संरचना पूरी हो चुकी है और जनवरी 2027 तक यह परियोजना पूर्ण हो जाएगी। सरकारी भर्तियों पर उन्होंने दावा किया कि भजनलाल सरकार "ना पर्ची, ना खर्ची" के सिद्धांत पर चलते हुए अब तक 92 हजार युवाओं को नियुक्तियां दे चुकी है और 1.53 लाख पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया गतिमान है।

अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य और आर्थिक चुनौतियों पर बोलते हुए राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजराइल के मध्य जारी युद्ध को एक माह बीत चुका है, जिससे वैश्विक पेट्रोलियम आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत अपनी आवश्यकता का 80 प्रतिशत तेल इन्हीं खाड़ी देशों से आयात करता है, जिससे कीमतों पर दबाव स्वाभाविक है। कच्चे तेल की कीमत 122 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने के बावजूद केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कटौती कर जनता को राहत दी, जिससे केंद्र को 1.75 लाख करोड़ रुपये का राजस्व घाटा हो रहा है। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 26 मार्च को सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें कांग्रेस नेताओं का व्यवहार उनके आंतरिक मतभेदों को उजागर कर गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि देश में पेट्रोल-डीजल का 60 दिन और एलपीजी का एक माह का पर्याप्त भंडार है।

अंत में राठौड़ ने प्रदेश की आर्थिक प्रगति का विवरण देते हुए बताया कि राजस्थान की जीएसडीपी वर्ष 2026-27 में 21.52 लाख करोड़ रुपये पहुंचने का अनुमान है, जो कांग्रेस शासन की तुलना में 41.93 प्रतिशत अधिक है। प्रति व्यक्ति आय 1.67 लाख से बढ़कर 2.02 लाख रुपये हो गई है और पूंजीगत व्यय भी दोगुना हुआ है। उन्होंने कांग्रेस को ओछी राजनीति छोड़ने की सलाह देते हुए कहा कि वर्तमान समय एकजुट होकर काम करने का है। भजनलाल सरकार अब तक 19 नई नीतियां लागू कर प्रदेश के विकास और जनता के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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