राजकॉप ऐप पर अब मोबाइल से दर्ज होगा होटल में ठहरने वाले आगंतुकों का पूरा विवरण
राजस्थान पुलिस ने राजकॉप ऐप पर ई-विजिटर सुविधा शुरू की है, जिससे होटल-धर्मशालाओं में ठहरने वाले आगंतुकों का विवरण मोबाइल से दर्ज होगा।

राजस्थान पुलिस ने पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनसुविधाजनक बनाने की दिशा में तकनीकी नवाचार करते हुए राजकॉप सिटीजन मोबाइल ऐप पर ‘ई-विजिटर’ सुविधा शुरू की है। स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एससीआरबी) की ओर से शुरू की गई इस सुविधा के माध्यम से अब होटल, धर्मशाला और अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों में ठहरने वाले आगंतुकों का विवरण मोबाइल फोन से ही आसानी से दर्ज किया जा सकेगा।
यह सुविधा महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार शुरू की गई है। गृह विभाग, राजस्थान सरकार के 6 अप्रैल 2026 के परिपत्र की पालना में होटल, धर्मशाला एवं अन्य ऐसे आवासीय प्रतिष्ठानों, जिनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, में ठहरने वाले आगंतुकों का विवरण पहले ‘ई-विजिटर पोर्टल’ के माध्यम से दर्ज किया जाता था।
विशेष रूप से छोटे होटल और धर्मशालाओं में कंप्यूटर तथा अन्य संसाधनों की सीमित उपलब्धता के कारण ऑनलाइन विवरण दर्ज करने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए अब इस सुविधा को मोबाइल आधारित कर दिया गया है। इससे छोटे होटल और धर्मशाला संचालकों को आगंतुकों का रिकॉर्ड दर्ज करने में बड़ी राहत मिलेगी।
ई-विजिटर सुविधा का उपयोग करने के लिए अधिकृत संचालक, मैनेजर या ऑपरेटर अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से राजकॉप सिटीजन मोबाइल ऐप में लॉग-इन कर सकेंगे। इसके बाद ई-विजिटर सुविधा के जरिए आगंतुकों का विवरण सीधे मोबाइल से दर्ज किया जा सकेगा।
इस सुविधा के माध्यम से होटल एवं अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों द्वारा आगंतुक से संबंधित प्रमुख जानकारियां दर्ज की जा सकेंगी। इनमें कमरा नंबर, चेक-इन की तारीख, आगमन एवं गंतव्य स्थान, यात्रा या विजिट का कारण, आगंतुक का नाम एवं मोबाइल नंबर, लिंग एवं पता, पहचान-पत्र का विवरण एवं उसकी प्रति अपलोड करने की सुविधा तथा होटल से प्रस्थान के समय का विवरण शामिल है।
मोबाइल आधारित ई-विजिटर सुविधा से आगंतुकों के आवास संबंधी विवरण को सरल, सुगम और डिजिटल तरीके से दर्ज किया जा सकेगा। इससे होटल, धर्मशाला एवं अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों के संचालकों के लिए ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज करना आसान होगा।
डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से पुलिस को आवश्यकता के अनुसार आगंतुकों से संबंधित सूचना प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी। इससे अपराध की रोकथाम, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में तकनीकी सहयोग प्राप्त होगा। राजस्थान पुलिस का यह तकनीकी नवाचार आवासीय प्रतिष्ठानों में आगंतुकों के रिकॉर्ड को अधिक सुगम, पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

