जयपुर। राजस्थान के आगामी बजट को जन-केंद्रित और समावेशी बनाने की दिशा में भजनलाल सरकार ने अपनी कवायद तेज कर दी है। मंगलवार को जयपुर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय 'बजट पूर्व संवाद' बैठक में भविष्य के राजस्थान की एक समृद्ध झलक देखने को मिली। जयपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि प्रदेश का आगामी बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि सात करोड़ प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं का जीवंत दस्तावेज होगा।

संवाद से समाधान: समाज के हर वर्ग की भागीदारी

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप, 'सबका साथ-सबका विकास' के मंत्र को साकार करने के लिए आयोजित इस संवाद में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में न केवल सुझावों का आदान-प्रदान हुआ, बल्कि विकास की एक नई रूपरेखा भी तैयार की गई। बैठक में प्रमुख रूप से सुझाव देने वाले समूहों में शामिल थे:

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य: विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया।

कृषि एवं पशुपालन: किसानों और डेयरी संगठनों ने आय वृद्धि और तकनीकी सहयोग के प्रस्ताव रखे।

युवा और खिलाड़ी: खेल सुविधाओं के विस्तार और रोजगार के नए अवसरों पर चर्चा हुई।

महिला सशक्तिकरण: 'राजीविका' से जुड़ी महिला प्रतिनिधियों ने आत्मनिर्भरता के मॉडल साझा किए।

उद्योग और व्यापार: व्यापारियों एवं कर सलाहकारों ने आर्थिक नीतियों को और अधिक सुगम बनाने के सुझाव दिए।

सामाजिक सरोकार: एनजीओ, सिविल सोसायटी और उपभोक्ता मंचों ने हाशिए पर खड़े वर्गों के हितों की वकालत की।

प्रभारी मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने सभी हितधारकों को आश्वस्त किया कि प्राप्त प्रत्येक सुझाव का गहन परीक्षण किया जाएगा और उन्हें राज्य सरकार को प्रेषित किया जाएगा ताकि राजस्थान 'अमृत काल' में विकसित और आत्मनिर्भर प्रदेश के रूप में उभर सके।

प्रशासनिक समीक्षा: सुशासन और नवाचारों पर बल

संवाद के पश्चात प्रभारी मंत्री ने जिला स्तरीय अधिकारियों की एक व्यापक समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की स्थिति जांची। बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:

फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा: 'पंच गौरव प्रोत्साहन योजना' और 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना' की प्रगति की बारीकी से जांच की गई।

नवाचारों की सराहना: मंत्री ने जयपुर जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे ‘रास्ता खोलो अभियान’, ‘नरेगा आखर अभियान’ और ‘सक्षम जयपुर अभियान’ की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि 'रास्ता खोलो अभियान' ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से लंबित विवादों को सुलझाकर सुशासन की मिसाल पेश कर रहा है।

समयबद्धता के निर्देश: प्रभारी मंत्री ने सख्त निर्देश दिए कि बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत समस्याओं के समाधान हेतु बनाई गई कार्ययोजनाओं को समय सीमा में पूरा किया जाए।

अंतिम छोर तक राहत पहुँचाने का संकल्प

मंत्री जोगाराम पटेल ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जयपुर प्रदेश का 'दर्पण' है, इसलिए यहाँ का प्रशासनिक प्रदर्शन पूरे प्रदेश के लिए एक मानक (बेंचमार्क) होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को 'विकसित भारत—रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)' के लाभों को जन-जन तक पहुँचाने और सांसद-विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

यह बैठक इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आगामी बजट में न केवल आर्थिक विकास पर जोर होगा, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की मुस्कान सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

Pratahkal Newsroom

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