राजस्थान में सरकारी कार्मिकों की प्रशासनिक दक्षता, डिजिटल लर्निंग और संस्थागत क्षमता निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राजस्थान को द्वितीय स्थान का पुरस्कार प्रदान किया गया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 23 अक्टूबर, 2026 को आयोजित ‘साधना श्रृंखला कार्यशाला’ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह पुरस्कार प्रदान किया। एचसीएम राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एचसीएम रीपा) की महानिदेशक श्रेया गुहा ने यह सम्मान ग्रहण किया।

महानिदेशक श्रेया गुहा के नेतृत्व में एचसीएम रीपा मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन और सरकारी कार्मिकों की क्षमता निर्माण गतिविधियों को गति देने पर विशेष ध्यान दे रहा है। राजस्थान पिछले कई महीनों से मिशन कर्मयोगी के क्रियान्वयन में लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ था, जबकि नवीनतम मूल्यांकन में राज्य को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आधुनिक प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करने, उनके कौशल विकसित करने और विभागीय कार्यक्षमता मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे संस्थागत प्रयासों को दर्शाती है।

राजस्थान को यह पुरस्कार प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर दिया गया। इनमें iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की डिजिटल लर्निंग, UNNATI पोर्टल पर प्रशिक्षण संस्थानों का पंजीकरण एवं ऑनबोर्डिंग तथा विभिन्न सरकारी विभागों की क्षमता निर्माण योजनाओं की तैयारी और क्रियान्वयन शामिल हैं।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में इन पहलों का उद्देश्य सरकारी कार्मिकों को निरंतर सीखने के अवसर उपलब्ध कराना, उनकी कार्यकुशलता बढ़ाना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक दक्ष, जवाबदेह एवं नागरिक-केंद्रित बनाना है। इस दिशा में एचसीएम रीपा प्रशिक्षण संस्थानों, सरकारी विभागों और कार्मिकों के बीच समन्वय मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

लखनऊ में आयोजित कार्यशाला में राजस्थान की ओर से एचसीएम रीपा की महानिदेशक श्रेया गुहा के साथ संस्थान के सलाहकार डॉ. राकेश सिंघल और अतिरिक्त निदेशक आशुतोष वाजपेयी ने पुरस्कार प्राप्त किया। इस अवसर पर एचसीएम रीपा और उत्तर प्रदेश प्रशासन अकादमी, लखनऊ के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करना है।

समझौते के तहत संकाय सदस्यों का आदान-प्रदान, ज्ञान एवं सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा करना और क्षमता निर्माण से जुड़ी संयुक्त पहल करना शामिल है। इस सहयोग से दोनों संस्थानों को एक-दूसरे के अनुभवों और विशेषज्ञता का लाभ उठाने तथा प्रशासनिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर बनाने के अवसर मिलेंगे।

मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन में राजस्थान को मिला यह सम्मान प्रशासनिक दक्षता और संस्थागत क्षमता निर्माण के लिए राज्य में किए जा रहे निरंतर प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। श्रेया गुहा के नेतृत्व में एचसीएम रीपा डिजिटल लर्निंग, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संस्थागत सहयोग के माध्यम से सरकारी कार्मिकों को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इन पहलों से प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता सुधारने, कार्य निष्पादन में दक्षता बढ़ाने और आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्यों को मजबूती मिलने की अपेक्षा है।

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