जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप प्रदेश में जल प्रबंधन को सुदृढ़ करने हेतु जल संसाधन विभाग अब मिशन मोड पर आ गया है। बुधवार को जयपुर स्थित इंदिरा गांधी नहर भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि जल परियोजनाओं की बजट घोषणाओं और प्रगतिरत कार्यों को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारकर अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परियोजनाओं की गति बढ़ाने के लिए अब जयपुर मुख्यालय पर जोनवार अभियंताओं के विशेष कैम्प आयोजित किए जाएंगे, जहां विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में होने वाले विलंब, विभिन्न प्रशासनिक अनुमतियों की बाधाओं और धरातलीय समस्याओं का तत्काल निस्तारण कर कार्य प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

विभागीय कार्यप्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए श्री रावत ने निर्देश दिए कि अभियंता अनिवार्य रूप से कार्ययोजना बनाकर अपने क्षेत्रों का नियमित दौरा करें। इस दौरान उन्हें न केवल कार्यकारी एजेंसी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आमजन से संवाद करना होगा, बल्कि हर माह दौरे के फोटोग्राफ सहित वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट भी मुख्यालय भेजनी होगी। मंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी के लिए संबंधित अभियंताओं की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जिसके लिए पाइप, सरिये, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री की नियमित जांच और रियल टाइम मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अभय कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा मौका निरीक्षण के लिए वर्तमान में एक विशेष ड्राइव चलाई जा रही है, जिसकी सराहना करते हुए मंत्री ने इसे नियमित रखने को कहा। इस उच्च स्तरीय समीक्षा में देवास, बागोलिया फीडर, अपर हाई लेवल कैनाल, खारी फीडर, पीपलखूंट हाई लेवल, गराड़िया एवं थापरा एनीकट, खमेरा लघु सिंचाई, सेई बांध से जवाई बांध तक सुरंग क्षमता विस्तार, पार्वती मुख्य नहर सुदृढ़ीकरण, हथियादेह मध्यम सिंचाई परियोजना, तकली नहर निर्माण, परवन वृहद बहुउद्देशीय परियोजना, गागरिन, कालीतीर लिफ्ट स्कीम, धौलपुर लिफ्ट, ईसरदा और दोहरी लघु सिंचाई जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति पर गहन मंथन हुआ। बैठक में मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त सचिव श्री भुवन भास्कर, मुख्य अभियंता (पश्चिम) श्री अमरजीत सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह कवायद राजस्थान में जल आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story