जयपुर, 24 जुलाई। राजस्थान को सुजलाम-सुफलाम बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों के बीच थार मरुस्थल में जल प्रबंधन की एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। इंदिरा गांधी नहर परियोजना की मुख्य नहर पर स्थित आरडी-1356 की एस्केप संरचना को 28 किलोमीटर परिधि वाले विशाल जलाशय के रूप में विकसित कर दिया गया है। मानसून के दौरान पंजाब की ओर से आने वाला अतिरिक्त पानी अब इस कृत्रिम झील में एकत्र होगा, जिससे थार की रेत के बीच विशाल जलराशि का दृश्य दिखाई देगा।

जैसलमेर जिले के घांटियाली क्षेत्र में निर्मित यह जलाशय जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में बढ़ती पेयजल मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अब तक मानसून के दौरान सिंचाई की मांग कम होने पर इंदिरा गांधी नहर में आने वाला अतिरिक्त पानी संग्रहण व्यवस्था के अभाव में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान की ओर बह जाता था, लेकिन अब इस पानी का उपयोग जल संरक्षण के लिए किया जा सकेगा।



इंदिरा गांधी मुख्य नहर की लंबी प्रणाली में शुरुआत से ही कई स्थानों पर एस्केप संरचनाएं बनाई गई थीं, जिनका उद्देश्य नहर में अधिक डिस्चार्ज या आपात स्थिति के दौरान अतिरिक्त पानी को सुरक्षित बाहर निकालना था। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जल जीवन मिशन के तहत इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र में चार एस्केप रिजर्वायर विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई थी। इनमें सत्तासर (बीकानेर) में आरडी-507 के पास, गजनेर लिफ्ट परियोजना क्षेत्र (बीकानेर) में आरडी-750 के पास, जोधपुर जिले में आरडी-1121 के पास तथा जैसलमेर जिले में बुर्जी 1356 जलाशय शामिल हैं।

लंबे समय तक धीमी गति से चल रही इस योजना में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद तेजी लाई गई। इसके परिणामस्वरूप अब तक आरडी-507 और बुर्जी 1356 एस्केप रिजर्वायर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इन चारों जलाशयों के माध्यम से जल जीवन मिशन की 43 वृहद पेयजल परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे 6 हजार 707 गांवों के 20 लाख से अधिक परिवारों को लाभ मिलेगा।

औसतन 13 मीटर गहरे बुर्जी 1356 एस्केप रिजर्वायर में 1406 एमसीएफटी जल संग्रहित किया जा सकेगा। इसके निर्माण के दौरान जलाशय की तली और ढलानों पर विशेष एचडीपीई शीट बिछाई गई है, जिससे रेतीली मिट्टी में पानी का रिसाव रोका जा सके। नहरबंदी के दौरान भी यह जलाशय सुरक्षित जल भंडार के रूप में कार्य करेगा और क्षेत्र में पानी की कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Pratahkal Newsroom

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