जयपुर, 27 मार्च। जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में राजस्थान ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वृहद एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं की प्रथम गणना समय पर पूर्ण करने पर जल शक्ति मंत्रालय ने राज्य को शील्ड एवं प्रशंसा प्रमाण पत्र से सम्मानित किया है। यह सम्मान डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित विश्व जल दिवस कॉन्क्लेव के दौरान प्रदान किया गया, जहाँ राज्य की ओर से मुख्य अभियंता (एसडब्ल्यूआरपीडी) ने इस गौरवशाली सम्मान को प्राप्त किया।

टीम वर्क और प्रशासनिक दक्षता का परिणाम

जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों और अभियंताओं के पूर्ण जिम्मेदारी से किए कार्यों की सराहना करते हुए इसे टीम वर्क का परिणाम बताया। उन्होंने इस सफलता पर संतोष व्यक्त किया कि परियोजनाओं से संबंधित आंकड़ों का संकलन, सत्यापन एवं पोर्टल पर अपलोडिंग का कार्य अधिशासी अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता स्तर तक समयबद्ध रूप से संपन्न किया गया। निर्धारित समय से पूर्व कार्य पूर्ण करना प्रशासनिक दक्षता और प्रभावी जल प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। राज्य स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं के माध्यम से इस पूरी जटिल प्रक्रिया को प्रभावी गति प्रदान की गई।

जल शक्ति मंत्रालय के निर्देशन में राष्ट्रव्यापी गणना

उल्लेखनीय है कि जल संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन, योजना निर्माण एवं नीति निर्धारण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जल शक्ति मंत्रालय के निर्देशन में देशभर में वृहद एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं की प्रथम गणना, लघु सिंचाई परियोजनाओं की सातवीं गणना, जल निकायों की द्वितीय गणना तथा स्प्रिंग्स की प्रथम गणना का कार्य प्रक्रियाधीन है। राजस्थान में इस गणना के लिए जल संसाधन विभाग को नोडल विभाग तथा निदेशक (नहर), जयपुर को राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि अन्य गणनाओं के लिए राजस्व विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।

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