राजस्थान समान नागरिक संहिता पर जयपुर में जनसुनवाई को व्यापक समर्थन, सभी सुझावों पर गंभीरता से होगा विचार
जयपुर में राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 पर आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न वर्गों ने सुझाव दिए। समिति ने सभी अभिमतों पर गंभीरता से विचार का भरोसा दिया।

राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 के संबंध में संभाग स्तरीय एवं जिला स्तरीय जनसुनवाई शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में विधेयक प्रारूप समिति के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। जनसुनवाई का संयोजन संभागीय आयुक्त वी. सरवण कुमार ने किया। इस दौरान विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव और अभिमत समिति के समक्ष प्रस्तुत किए।
विधेयक प्रारूप समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि राजस्थान सरकार समान नागरिक संहिता के संबंध में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना चाहती है। इसी उद्देश्य से जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं, विधि विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों तथा आमजन से सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता की मूल भावना विवाह, विवाह विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार तथा लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषयों पर सभी नागरिकों के लिए समान एवं न्यायसंगत व्यवस्था विकसित करना है।
उन्होंने बताया कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सुझावों और अभिमतों का गहन विश्लेषण किया जाएगा तथा इन्हीं सुझावों के आधार पर समान नागरिक संहिता के विधेयक का प्रारूप तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समिति समर्थन, संशोधन और असहमति सहित सभी प्रकार के सुझावों का स्वागत कर रही है तथा प्रत्येक सुझाव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे यूसीसी के संबंध में अपने सुझाव अवश्य दें, ताकि उनके सुझावों के आधार पर राज्य में एक मजबूत, न्यायसंगत और व्यावहारिक समान नागरिक संहिता कानून का निर्माण किया जा सके।
संभागीय आयुक्त वी. सरवण कुमार ने बताया कि जनसुनवाई में जयपुर संभाग के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। जनप्रतिनिधियों, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, सामाजिक विज्ञान एवं विधि क्षेत्र से जुड़े शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं, गैर-सरकारी संगठनों, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा प्रबुद्ध नागरिकों ने समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव और विचार समिति के समक्ष रखे। उन्होंने बताया कि जयपुर जिले के नागरिकों के लिए शेष जनसुनवाई 11 जुलाई को प्रातः 10:00 बजे से 12:30 बजे तक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की जाएगी।
सुनवाई समिति में उपस्थित गृह विभाग के प्रतिनिधि एवं संयुक्त शासन सचिव मनीष गोयल ने बताया कि जनसुनवाई के साथ-साथ वेबसाइट के माध्यम से भी प्रत्येक हितधारक से सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान के सभी जनआधार कार्ड धारकों को एसएमएस भेजा गया है। यूसीसी राजस्थान की वेबसाइट पर मोबाइल नंबर अथवा जनआधार नंबर दर्ज करने के बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होगा। ओटीपी दर्ज करने के बाद व्यक्ति को व्यक्तिगत अथवा संस्था का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद खुलने वाले विकल्प फॉर्म में दिए गए प्रश्नों के लिए ‘हां’ अथवा ‘नहीं’ का चयन किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त नागरिक 400 शब्दों तक अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं तथा सुझाव या ज्ञापन की पीडीएफ प्रति भी संलग्न कर सकते हैं।
जनसुनवाई में हवामहल विधायक महंत श्री बालमुकुन्दाचार्य, जिला कलक्टर संदेश नायक, जयपुर संभाग के अन्य जिलों के कलक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से, समिति के अन्य सदस्य तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सुझावों के आधार पर समान नागरिक संहिता के विधेयक का प्रारूप तैयार किया जाएगा, जिस पर समिति सभी प्राप्त अभिमतों का गंभीरता से परीक्षण करेगी।

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